मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में
वृंदावन में दर्दनाक हादसा, यमुना में डूबी श्रद्धालुओं से भरी नाव
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। केसी घाट के पास यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पांटून (पीपा) पुल से टकराकर पलट गई। इस हादसे में करीब 25 लोग नाव में सवार थे, जिनमें से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यह हादसा वृंदावन और मान के बीच बने पांटून पुल के पास हुआ, जहां अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पुल से टकरा गई। टक्कर के बाद नाव पलट गई और सभी यात्री यमुना नदी में गिर गए।
मौके पर मची अफरा-तफरी, चीख-पुकार से गूंजा घाट
घटना के बाद केसी घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। कुछ स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में कूदकर लोगों को बचाने का प्रयास किया।
इस दौरान घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
15 श्रद्धालुओं को बचाया गया, 10 की दर्दनाक मौत
सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अब तक करीब 15 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
हालांकि इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है,
जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
कुछ घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन और गोताखोरों का रेस्क्यू अभियान जारी
पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीम मिलकर लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है।
गोताखोर यमुना के गहरे पानी में डूबे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और
बचाव कार्य में सहयोग करें। स्थिति पर लगातार
नजर रखी जा रही है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि सभी लापता लोगों को जल्द खोजा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को
लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांटून पुल के
पास नाव संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन कितना किया जा रहा था,
यह अब जांच का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
यदि समय रहते सावधानी बरती जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
मथुरा के वृंदावन में हुआ यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है।
10 लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
