बरेली का बवाल: नाबालिगों को आगे कर बरसाए पत्थर, पुलिस बल प्रयोग से तितर-बितर, पूरा शहर तनावग्रस्तबरेली में शुक्रवार का दिन अचानक उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब कुछ शरारती तत्वों ने नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर पथराव कर दिया। घटना इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते भीड़ हिंसक रूप ले बैठी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बल प्रयोग किया और आंसू गैस व लाठियों का सहारा लिया।नमाज़ के बाद स्थिति बिगड़ीइस्लामिया मैदान और करीमनगर की मस्जिदों से जुमे की नमाज़ के बाद हजारों की संख्या में लोग बाहर निकले। प्रशासन ने पहले से एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल, पीएसी और दंगा निरोधक दस्ते की तैनाती कर रखी थी। लेकिन अचानक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।नाबालिगों को ढाल बनायागवाहों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शरारती तत्वों ने छोटे-छोटे बच्चों को आगे किया और उन्हें पत्थर फेंकने को कहा। पीछे से भीड़ के बड़े हिस्से ने भी पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इससे कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अफसर घायल हो गए।अफसरों को बनाया निशानापथराव का सबसे ज्यादा असर उन अफसरों पर पड़ा जो मौके पर भीड़ से शांति की अपील कर रहे थे। कई अफसरों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ जवानों की ढाल और हेलमेट टूट गए। भीड़ का इरादा साफ था—प्रशासन को पीछे हटाना और माहौल में अराजकता फैलाना।पुलिस ने किया बल प्रयोगस्थिति जब काबू से बाहर होती दिखी तो पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कीं। आंसू गैस के गोले दागे गए। धीरे-धीरे भीड़ तितर-बितर हो गई, लेकिन इस दौरान कई लोग घायल हो गए।मस्जिदों से निकलकर भीड़ ने किया बवालकरीमनगर की बड़ी मस्जिद और इस्लामिया मैदान से निकलकर हजारों लोग नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन चेतावनी के बावजूद लोग मानने को तैयार नहीं हुए।प्रशासन का बयानडीएम और एसएसपी ने संयुक्त रूप से बयान जारी किया कि “कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने हालात काबू में कर लिए। दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।”महिलाओं की भी भागीदारीपथराव के दौरान कई महिलाओं के शामिल होने की खबरें भी सामने आईं। कुछ वीडियो फुटेज में महिलाएं भीड़ में नजर आईं। प्रशासन ने इस पर गंभीर चिंता जताई।इस्लामिया मैदान से निकलकर अराजकताजैसे ही नमाज़ खत्म हुई, हजारों लोग इस्लामिया मैदान से बाहर आए। प्रशासन ने पहले ही उनसे शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसके विपरीत नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल तनावपूर्ण होते ही अचानक पत्थरबाज़ी शुरू हो गई।मेले की अपील का असरखबर है कि मौलाना तौकीर रजा ने तीन बार शांति और संयम की अपील की थी। इसके बावजूद शरारती भीड़ ने किसी की बात नहीं मानी। यह भीड़ अचानक उत्तेजित होकर बेकाबू हो गई।पुलिस बल की मुस्तैदीपथराव के बावजूद पुलिस बल ने संयम बनाए रखा। जवानों ने कोशिश की कि भीड़ को ज्यादा चोट न पहुंचे। लेकिन जब हालात बिगड़ने लगे, तो लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।शहर में तनावघटना के बाद पूरे बरेली शहर में तनाव का माहौल है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इंटरनेट सेवाएं भी कई इलाकों में बंद कर दी गईं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।मस्जिदों के बाहर जूते-चप्पल पड़े मिलेघटना के बाद कई मस्जिदों के बाहर जूते-चप्पल बिखरे मिले। इससे साफ है कि नमाज़ से निकलते ही लोग सीधे प्रदर्शन में शामिल हो गए।नाबालिगों के इस्तेमाल से प्रशासन सख्तप्रशासन ने इस बात पर विशेष चिंता जताई कि बच्चों को आगे कर उन्हें पत्थरबाज़ी में शामिल किया गया। यह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि मानवीय दृष्टि से भी बेहद निंदनीय है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों का बयानस्थानीय लोगों के मुताबिक, माहौल अचानक खराब हुआ। शुरू में लोग शांति से नमाज़ पढ़कर निकल रहे थे, लेकिन अचानक भीड़ में कुछ अराजक तत्व शामिल हो गए। इन्हीं लोगों ने नारेबाजी और पथराव शुरू कर दिया।प्रशासनिक अमले पर हमलाजैसे ही अफसर मौके पर पहुंचे, भीड़ ने उन पर निशाना साधा। अफसरों की गाड़ियों पर पत्थर बरसाए गए। कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।सोशल मीडिया पर अफवाहेंघटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाई और कई अकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी।धार्मिक अपीलेंधार्मिक नेताओं ने भी लोगों से अपील की कि शांति बनाए रखें। लेकिन शरारती तत्वों ने इन अपीलों की कोई परवाह नहीं की।निष्कर्षपूरी घटना ने बरेली को झकझोर कर रख दिया। सवाल यह है कि आखिर धार्मिक अवसरों पर बार-बार ऐसी अराजकता क्यों फैलती है और क्यों नाबालिगों को इस तरह ढाल बनाया जाता है? प्रशासन ने साफ किया है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।