रेली के राजपुर कला में व्यापारी शुभम माहेश्वरी के घर
भीषण आग ने मचाया तबाही: परिवार पहली मंजिल पर फंसा
बरेली जिले के राजपुर कला गांव में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। व्यापारी शुभम माहेश्वरी के मकान और जुड़ी हुई दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा मकान और दुकानें आग की लपटों में घिर गए। शुभम माहेश्वरी का परिवार पहली मंजिल पर फंस गया और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इस दौरान ग्रामीणों ने तत्काल हिम्मत दिखाई और पड़ोसी के मकान पर सीढ़ी लगाकर पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बहादुरी भरे रेस्क्यू ऑपरेशन में दो ग्रामीण भी चोटिल हो गए।
आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने देखा कि धुआं इतना घना था कि सीढ़ियों और दरवाजों से निकलना असंभव हो गया था। तुरंत पड़ोस के एक मकान से लंबी सीढ़ी मांगी गई और उसे खिड़की के पास लगाया गया। ग्रामीणों ने एक-एक करके परिवार के सदस्यों को नीचे उतारा। इस दौरान शुभम माहेश्वरी की पत्नी, बच्चे और अन्य सदस्य सुरक्षित बाहर आए। रेस्क्यू के दौरान दो ग्रामीणों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
आग का कारण और लाखों का नुकसान
प्रारंभिक जांच में आग का कारण गैस सिलिंडर लीकेज या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग सबसे पहले दुकान के हिस्से में लगी और फिर तेजी से मकान की ओर फैल गई। शुभम माहेश्वरी कपड़े, जूते और जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं। दुकान में रखा पूरा स्टॉक, मकान का सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नकदी सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। परिवार का अनुमान है कि नुकसान 20-25 लाख रुपये से अधिक का है।
शुभम माहेश्वरी ने बताया कि सुबह दुकान खोलने की तैयारी कर रहे थे तभी अचानक धुआं उठा और आग लग गई। परिवार ऊपर सो रहा था और नीचे से आग फैलने के कारण सीढ़ियां भी आग पकड़ चुकी थीं। अगर ग्रामीण समय पर नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों की बहादुरी और सामुदायिक मदद
इस घटना में ग्रामीणों की एकजुटता और साहस की मिसाल देखने को मिली। स्थानीय लोग बिना किसी देरी के रेस्क्यू में जुट गए। कई लोगों ने पानी की बाल्टियां भरकर आग बुझाने की कोशिश की, जबकि कुछ ने परिवार को बचाने में मदद की। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनका फर्ज था क्योंकि पड़ोसी परिवार संकट में था।
फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने पर टीम मौके पर
पहुंची और लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि तब तक अधिकांश सामान जल चुका था।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा पर सवाल और सुझाव
यह घटना एक बार फिर घरेलू आग लगने की घटनाओं पर
सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलिंडर,
बिजली के तार और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की नियमित जांच जरूरी है। घरों में फायर एक्सटिंग्विशर,
डिटेक्टर और आपातकालीन सीढ़ी रखनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में फायर ब्रिगेड की पहुंच कम होने से
स्थानीय लोगों की तत्परता बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।
परिवार की मदद की अपील
शुभम माहेश्वरी परिवार अब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दुकान और मकान का नुकसान बहुत बड़ा है और
पुनर्निर्माण में समय लगेगा। स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों से अपील है कि इस परिवार की मदद करें।
ग्रामीणों की बहादुरी ने एक बार फिर साबित किया कि
मुश्किल वक्त में समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।