📰 बरेली बवाल : मौलाना तौकीर समेत आठ गिरफ्तार, 39 संदिग्ध हिरासत मेंबरेली में शनिवार को अचानक हालात बिगड़ गए जब आईएमसी आंदोलन के समर्थन में निकला जुलूस हिंसक रूप धारण कर बैठा। हजारों की भीड़ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतरी और जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की,
टकराव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया, दुकानों के शटर गिरा दिए गए और कई वाहनों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए। पूरा शहर दहशत में आ गया और लोग घरों के भीतर दुबक गए।पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए बल प्रयोग किया।
आँसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा गया। उपद्रवियों की पहचान कर कई को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात मौलाना तौकीर रज़ा को हिरासत में लिया गया, जिन्हें इस उपद्रव का मुख्य जिम्मेदार माना गया। उनके साथ सात अन्य लोगों को भी पकड़ा गया और कुल 39 संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ की गई।
शहर के कई हिस्सों को छावनी में बदल दिया गया। पीएसी और आरएएफ की तैनाती कर दी गई और हालात को काबू में करने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी गईं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है क्योंकि सोशल मीडिया पर लगातार भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही थीं।
इंटरनेट बंद होने से व्यापारियों, छात्रों और आम जनता को परेशानी हुई लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।मौलाना तौकीर का नाम इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में है। तौकीर रज़ा लंबे समय से बरेली की सियासत और समाज में सक्रिय माने जाते हैं। उनकी पकड़ पुराने शहर के इलाकों में मजबूत है और कई मौकों पर वे बड़ी सभाएँ और जुलूस निकाल चुके हैं।
पुलिस का आरोप है कि जुलूस उनकी अगुवाई में निकला और उन्होंने भीड़ को शांत कराने की बजाय उकसाने वाला भाषण दिया। उनके समर्थक हालांकि यह दावा कर रहे हैं कि मौलाना निर्दोष हैं और उन्हें साजिशन फँसाया जा रहा है।प्रशासन ने अब तक सात एफआईआर दर्ज की हैं। मौलाना तौकीर समेत आठ लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
धारा 125 और 139 के तहत मुकदमे दर्ज हुए हैं और पुलिस का कहना है कि दोषियों की संपत्ति जब्त की जाएगी, उनसे मुआवजा वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट तथा एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त आदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा न जाए।इस घटना का असर सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं रहा। बाराबंकी और मऊ जिलों में भी तनाव फैल गया और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खुफिया एजेंसियाँ सक्रिय कर दी गई हैं
और पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। डीएम और एसएसपी को अपने-अपने जिलों में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी संभावित उपद्रव को रोका जा सके।बरेली की घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। मौलाना तौकीर की कई राजनीतिक दलों से नजदीकी रही है और चुनावों में उनकी भूमिका अक्सर अहम मानी जाती रही है। यही वजह है कि उनकी गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई