बाराबंकी छप्पर में लगी आग
आधी रात की त्रासदी ने हिला दिया बाराबंकी
बाराबंकी जिले के एक गांव में आधी रात को छप्पर में लगी भीषण आग ने एक दिव्यांग व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत कर दी। यह घटना इतनी भयावह थी कि पूरे इलाके में सदमा फैल गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग अचानक नहीं लगी, बल्कि इसमें किसी की संलिप्तता हो सकती है। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और आग से बचाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ आधी रात को?
बाराबंकी के एक गांव में रहने वाले दिव्यांग व्यक्ति (नाम गोपनीय) रात करीब 1:30 बजे अपने छप्पर में सो रहे थे। अचानक छप्पर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि व्यक्ति बाहर नहीं निकल पाए और जिंदा जलकर मौत हो गई। आसपास के लोग चीख-पुकार सुनकर दौड़े, लेकिन तब तक आग ने पूरे छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने से पहले कोई धुआं या चिंगारी नहीं दिखी। कुछ लोगों ने बताया कि छप्पर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।
परिवार और गांव वालों का दर्द
मृतक दिव्यांग थे और परिवार की एकमात्र सहारा थे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटा रात को अकेला सोता था क्योंकि वह चल-फिर नहीं सकता था। आग लगने पर वह बाहर नहीं निकल सका। गांव वालों ने बताया कि मृतक बहुत शांत और मेहनती व्यक्ति था। घटना के बाद पूरा गांव सदमे में है। लोग कह रहे हैं कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित अपराध लगता है।
पुलिस जांच और संदिग्ध पहलू
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध पहलू सामने आए हैं:
- आग अचानक और तेजी से फैली, जो सामान्य हादसे में कम देखा जाता है।
- छप्पर के आसपास पेट्रोल या ज्वलनशील पदार्थ के निशान मिले हैं।
- मृतक के कुछ पड़ोसियों से पुरानी रंजिश की बात सामने आई है।
- घटना के समय गांव में बिजली नहीं थी, जिससे शॉर्ट सर्किट की आशंका कम है।
*पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। दो-तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ग्रामीण इलाकों में आग से सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। छप्पर वाले घरों में आग लगने की घटनाएं आम हैं,
लेकिन जांच में अक्सर हत्या का खुलासा होता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गांवों में फायर सेफ्टी उपकरण और
जागरूकता अभियान चलाए जाएं। दिव्यांगों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।
न्याय की उम्मीद
बाराबंकी की इस त्रासदी ने एक दिव्यांग व्यक्ति की जिंदगी छीन ली। परिवार अब न्याय की आस में है।
पुलिस की जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को
कड़ी सजा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।