विधानसभा में गरमाया सियासी माहौल
13 जनवरी 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र उबाल पर पहुंच गया। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे क्रूर हमलों ने सदन में तीखी बहस छेड़ दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर प्रहार करते हुए कहा, “मानवता के दुश्मनों का साथ देने वाले अब हिंदुओं के दर्द को नजरअंदाज नहीं कर सकते। जो लोग बांग्लादेश में मंदिरों को तोड़ने, घरों में आग लगाने और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए हैं, वे अब हिंदू समाज के सामने जवाबदेह होंगे।”
योगी का यह बयान न केवल विपक्ष के लिए करारा तंज था, बल्कि पूरे देश और हिंदू समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी बन गया। सदन में विपक्षी सदस्य खामोश नजर आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने और जोरदार ललकार लगाई – “चुप्पी भी अपराध है!”
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हिंसा: ताजा स्थिति
बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले हो रहे हैं। प्रमुख घटनाएं:
- ढाका और चटगांव में दर्जनों मंदिरों को क्षतिग्रस्त किया गया
- हिंदू परिवारों के घरों में आगजनी और लूटपाट
- महिलाओं पर यौन उत्पीड़न और अपहरण की कई घटनाएं
- धार्मिक जुलूसों पर पथराव और हिंसा
ये हमले मुख्य रूप से राजनीतिक अस्थिरता, धार्मिक कट्टरता और अल्पसंख्यक विरोधी भावनाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं की निंदा की है, लेकिन बांग्लादेश सरकार पर कार्रवाई में नरमी का आरोप लग रहा है।
योगी आदित्यनाथ का तीखा बयान: मुख्य अंश
योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा:
- “बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाई-बहनों पर हो रहे अत्याचार देखकर दिल दहल जाता है।”
- “जो लोग यहां बैठकर अल्पसंख्यकों के दर्द पर आंसू बहाते हैं, वही बांग्लादेश की हिंसा पर चुप क्यों हैं?”
- “उत्तर प्रदेश सरकार हर हिंदू के साथ खड़ी है। हम अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाएंगे।”
- “विपक्ष को अब हिंदू विरोधी रुख छोड़ना होगा, वरना जनता जवाब देगी।”
यह बयान विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, पर सीधा निशाना था, जिन पर अक्सर हिंदू मुद्दों पर नरम रुख अपनाने का आरोप लगता रहा है।
राजनीतिक प्रभाव और विपक्ष की प्रतिक्रिया
योगी के बयान के बाद सदन में तनाव बढ़ गया। विपक्षी विधायकों ने हंगामा किया, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। भाजपा नेताओं ने इसे “हिंदुत्व की जीत” करार दिया। यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। कई संगठन बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षा के लिए भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष: हिंदू समाज के लिए मजबूत संदेश
योगी आदित्यनाथ का यह तीखा हमला बांग्लादेश हिंसा के खिलाफ भारत में उठ रही आवाज का सबसे मजबूत प्रतिनिधित्व है।
यह बयान न केवल विपक्ष को चुनौती देता है, बल्कि हिंदू समाज को यह संदेश भी देता है
कि उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और घरेलू राजनीति दोनों को प्रभावित करेगा।