नेपाल में एक नया इतिहास रचा गया है। बालेंद्र शाह ने मात्र 35 साल की उम्र में नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली। यह नेपाल की राजनीति में सबसे युवा सरकार का आगमन है, जहां औसत उम्र 50 वर्ष से कम ही दिखी। शपथ समारोह काठमांडू के राष्ट्रपति भवन में हुआ, जिसमें हिंदू और बौद्ध संस्कृति का अनोखा संगम नजर आया। बालेंद्र शाह, जो एक युवा क्रांतिकारी नेता के रूप में उभरे हैं, ने अपनी सरकार के साथ वादा किया कि नेपाल को आर्थिक मजबूती, युवा रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण मिलेगा।
यह शपथ ग्रहण नेपाल की अस्थिर राजनीतिक पृष्ठभूमि के बाद आया है, जहां पिछले कुछ वर्षों में कई सरकारें बदलीं। बालेंद्र की पार्टी ने हालिया चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वे सत्ता में आए। नेपाल सबसे युवा पीएम बनने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो गया, जो देश की युवा आबादी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
शपथ समारोह: हिंदू-बौद्ध संस्कृति का शानदार प्रदर्शन
शपथ समारोह में कुल 51 सदस्यों वाली कैबिनेट ने शपथ ली, जिसमें सिर्फ एक मंत्री ही 50 वर्ष से ऊपर का था। बाकी सभी युवा चेहरे थे, जो नेपाल की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। समारोह की खासियत रही हिंदू बौद्ध संस्कृति का संगम।
हिंदू परंपरा: शपथ के दौरान वेद मंत्रोच्चारण और तिलक लगाया गया, जो नेपाल के हिंदू बहुल समाज को समर्पित था।
बौद्ध प्रभाव: बौद्ध भिक्षुओं ने शांति मंत्र पढ़े और स्वास्तिक चिह्नों से सजावट की गई, नेपाल के बौद्ध तीर्थस्थलों को सम्मान देते हुए।
संगीत और नृत्य: पारंपरिक ढोल-मृदंग और बौद्ध घंटियों की ध्वनि से वातावरण गुंजायमान रहा।
राष्ट्रपति ने बालेंद्र को गीता पर हाथ रखकर शपथ दिलाई, जो नेपाल की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनी। यह आयोजन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां #BalendraShahOath ट्रेंड कर रहा है।
बालेंद्र शाह का राजनीतिक सफर: युवा से पीएम तक
बालेंद्र शाह का जन्म 1991 में काठमांडू में हुआ। वे एक सामान्य परिवार से हैं, लेकिन छात्र राजनीति से सक्रिय हुए। 2022 के स्थानीय चुनावों में वे काठमांडू मेयर बने, जहां उन्होंने युवा मुद्दों पर फोकस किया। उनकी पार्टी ने नेपाल राजनीति में भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे पर जोर दिया। अब 47वें प्रधानमंत्री बनकर वे नेपाल को नई दिशा देंगे।
मुख्य वादे: बेरोजगारी कम करना, पर्यटन बढ़ाना
, भारत-चीन के साथ संबंध मजबूत करना।
चुनौतियां: आर्थिक संकट, भूकंप बाद पुनर्निर्माण, सीमा विवाद।
नई सरकार का प्रभाव: नेपाल में युवा क्रांति की शुरुआत?
नेपाल नई सरकार से उम्मीदें बढ़ गई हैं। बालेंद्र ने कहा, “यह सरकार युवाओं की है, युवाओं के लिए।” अर्थव्यवस्था को GDP 7% ग्रोथ का लक्ष्य दिया गया। हिंदू-बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जो नेपाल की 80% आय का स्रोत है।
पड़ोसी देश भारत और चीन की नजरें इस युवा नेतृत्व पर हैं।विपक्ष ने शुभकामनाएं दीं, लेकिन सतर्कता बरतने को कहा। सोशल मीडिया पर युवा उत्साहित हैं, जहां लाखों व्यूज आ चुके हैं। यह युवा नेतृत्व नेपाल का दौर है!
