फिर चला बाबा का बुलडोजर
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर सामने आई है। 4 जनवरी 2026 को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया, जिसमें दो मस्जिदें और एक मदरसा ध्वस्त कर दिया गया। एक मस्जिद को तो स्थानीय लोगों ने खुद ही रातोंरात हथौड़ों से तोड़ दिया, ताकि प्रशासन की कार्रवाई से बच सकें। इस कार्रवाई से करीब 2.5 बीघा सरकारी जमीन मुक्त हो गई, जिसे अब गरीबों को आवंटित किया जा रहा है। इस ब्लॉग में हम संभल बुलडोजर एक्शन की पूरी डिटेल्स, कारणों और प्रभाव पर चर्चा करेंगे।
संभल में अवैध निर्माण पर क्यों हुई कार्रवाई?
संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव और राया बुजुर्ग गांव में यह कार्रवाई हुई। यहां सरकारी जमीन (ग्राम समाज भूमि) पर 20-25 साल पहले अवैध रूप से मदीना मस्जिद, गौसुल बड़ा मस्जिद और एक मदरसे का निर्माण किया गया था। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, इन निर्माणों के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट के आदेश और हाईकोर्ट की याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई की गई।
हाजीपुर गांव में 439 वर्ग मीटर पर बनी मदीना मस्जिद और 1339 वर्ग मीटर पर बना मदरसा अवैध था। मदरसे की आड़ में व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही थीं। राया बुजुर्ग में 552 वर्ग मीटर पर बनी गौसुल बड़ा मस्जिद भी सरकारी जमीन पर कब्जा थी। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। अंत में 4 जनवरी को तीन बुलडोजरों के साथ भारी पुलिस बल तैनात कर कार्रवाई की गई।
एक मस्जिद को ग्रामीणों ने खुद तोड़ा, बुलडोजर का खौफ साफ दिखा
सबसे दिलचस्प घटना हाजीपुर गांव में हुई। प्रशासन की कार्रवाई तय होने की जानकारी मिलते ही मस्जिद कमेटी और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग रात 12 बजे से हथौड़े और छेनी लेकर जुट गए। आधी रात से सुबह तक उन्होंने मदीना मस्जिद को खुद ही ध्वस्त कर दिया। जब प्रशासन की टीम सुबह पहुंची तो मस्जिद पहले ही मलबे में तब्दील हो चुकी थी।
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इसे सकारात्मक बताया और कहा कि लोग खुद गलती सुधार रहे हैं। मलबा हटाने के बाद प्रशासन ने मदरसे पर बुलडोजर चलाया। राया बुजुर्ग में गौसुल बड़ा मस्जिद पर पूरी तरह प्रशासन ने कार्रवाई की। पूरे इलाके में शांति रही और कोई विरोध नहीं हुआ।
मुक्त जमीन का क्या होगा? गरीबों को मिलेगा फायदा
कार्रवाई के बाद मुक्त हुई जमीन को प्रशासन ने तुरंत गरीब और बेसहारा परिवारों को आवंटित करना शुरू कर दिया।
हाजीपुर में मदीना मस्जिद वाली जमीन पर 20 गरीबों को पट्टे दिए गए।
इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाए जाएंगे।
डीएम ने कहा कि संभल में जहां भी अतिक्रमण है –
चाहे चारागाह, तालाब या गरीबों की जमीन – सभी को मुक्त कराया जाएगा।
यह कार्रवाई योगी सरकार की अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा है।
पहले भी संभल में कई अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
संभल में यह कार्रवाई नवंबर 2024 की शाही जामा मस्जिद विवाद के बाद की गई कई कार्रवाइयों की कड़ी है।
विपक्ष इसे लक्षित कार्रवाई बता रहा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कानूनी प्रक्रिया का पालन है।
स्थानीय लोगों का सहयोग दिखाता है कि कानून का सम्मान बढ़ रहा है।
भविष्य में ऐसे और ब्लैक स्पॉट्स पर कार्रवाई हो सकती है।
