बाबा कीनाराम का अनोखा जन्मोत्सव, 21 किलो खोवा का केक काटकर मनाई खुशी

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। सैदपुर विकासखंड के नायकडीह स्थित बाबा कीनाराम की तपस्थली पर चल रहे तीन दिवसीय जन्मोत्सव समारोह में शुक्रवार को धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। इस दौरान बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को खास अंदाज में मनाने के लिए 21 किलो खोवा से तैयार किया गया विशेष केक काटा गया।

केक काटने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। बाबा के जयकारों से तपस्थली का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जन्मोत्सव में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और प्रसाद का वितरण किया।

सुबह से ही तपस्थली पर जुटने लगे श्रद्धालु

बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर नायकडीह स्थित तपस्थली पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों ने तपस्थली पहुंचकर बाबा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम के दरबार में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम के जयकारे लगाए। धार्मिक अनुष्ठानों के कारण पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

21 किलो खोवा से तैयार हुआ विशेष केक

जन्मोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा 21 किलो खोवा का केक रहा। यह विशेष केक मुन्ना गुप्ता की ओर से तैयार कराया गया था।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मिलकर केक काटा और बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव मनाया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। अनोखे तरीके से मनाए गए इस जन्मोत्सव को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

खोवा से तैयार किए गए इस बड़े केक ने धार्मिक आयोजन में अलग रंग जोड़ दिया। आयोजन में शामिल लोगों के बीच इसे लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी

बाबा कीनाराम की तपस्थली पर चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम में केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। शुक्रवार शाम भोजपुरी संगीत की कलाकार रिंकी सिंह और अनुराधा मिश्रा ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए।

भक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लोगों ने तालियां बजाईं और कई श्रद्धालु भक्ति संगीत में झूमते नजर आए।

बच्चों ने भी दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

जन्मोत्सव समारोह में बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब सराहा।

धार्मिक आयोजनों के बीच बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं। इससे आयोजन में श्रद्धा के साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला।

भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ से भक्तिमय हुआ माहौल

जन्मोत्सव के दौरान तपस्थली परिसर में भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी हुआ। धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

भजन और कीर्तन के बीच बाबा कीनाराम के जयकारों से वातावरण आध्यात्मिक नजर आया।

श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया और बाबा का आशीर्वाद लिया।

आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं भी की गईं,

ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

मेले में भी दिखी रौनक

बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव के साथ तपस्थली के आसपास मेले जैसा माहौल भी देखने को मिला।

परिसर में बच्चों के लिए झूले और चरखी लगाए गए थे।

इसके अलावा मिठाई और अन्य सामान की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी।

बच्चों ने झूलों और चरखी का आनंद लिया, जबकि श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ मेले में

खरीदारी भी की। इस तरह धार्मिक आयोजन के साथ स्थानीय स्तर पर उत्सव का माहौल बना रहा।

बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर विशेष उत्साह

बाबा कीनाराम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के कारण उनके जन्मोत्सव को लेकर

श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। गाजीपुर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग ऐसे आयोजनों में पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी जन्मोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक

कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अलग-अलग कार्यक्रमों में

श्रद्धालुओं की भागीदारी से तपस्थली पर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर चंदौली के रामगढ़ स्थित मठ समेत

अन्य स्थानों पर भी विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। रामगढ़ में भी

बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई थीं।

आस्था के साथ लोक संस्कृति की झलक

बाबा कीनाराम जन्मोत्सव जैसे आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय

लोक संस्कृति की झलक भी दिखाई देती है। भजन, कीर्तन,

भोजपुरी संगीत और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ती हैं।

नायकडीह की तपस्थली पर आयोजित कार्यक्रम में भी यही माहौल देखने को मिला।

एक तरफ श्रद्धालु पूजा और दर्शन में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेले का लोगों ने आनंद लिया।

श्रद्धालुओं के लिए यादगार बना आयोजन

21 किलो खोवा केक काटकर मनाया गया जन्मोत्सव इस आयोजन का खास आकर्षण रहा।

धार्मिक परंपरा के साथ इस अनोखे आयोजन ने श्रद्धालुओं के बीच उत्साह बढ़ाया।

केक काटने के बाद प्रसाद वितरण किया गया और लोगों ने बाबा कीनाराम के

जयकारे लगाए। देर शाम तक तपस्थली पर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रहीं।

निष्कर्ष

गाजीपुर के नायकडीह में बाबा कीनाराम की तपस्थली पर आयोजित जन्मोत्सव में

शुक्रवार का दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्सव से भरा रहा। 21 किलो

खोवा का केक काटकर बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव मनाया गया, वहीं पूजा-अर्चना,

भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को खास बना दिया।

श्रद्धालुओं की मौजूदगी, बाबा के जयकारों और मेले की रौनक के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया।

आयोजन के अगले कार्यक्रमों को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।

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