उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के कोर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जून 2025 में मूर्तिहा रेंज (बीट संख्या 20) के जंगल के बीच बनी चार मजारों को अवैध अतिक्रमण घोषित कर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ये मजारें लक्कड़शाह बाबा (हजरत सैयद हाशिम शाह), भंवरशाह, चमनशाह और शहंशाह की थीं। इस कार्रवाई को लोग “बाबा बुलडोजर” की नई मिसाल बता रहे हैं।
कार्रवाई की वजह: वन भूमि पर अवैध निर्माण
प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) बी. शिवशंकर ने बताया कि ये मजारें कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के संरक्षित क्षेत्र में बनी हुई थीं, जहां बाघ और अन्य वन्यजीवों का बाहुल्य है। वन विभाग ने पहले बेदखली नोटिस जारी किया था। मजार कमेटी ने 1986 का एक कागज दिखाया, लेकिन 1986 से पहले की जमीन के मालिकाना हक के कोई प्रमाण नहीं दे सके।
वन संरक्षण अधिनियम 1980, भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत ये निर्माण अवैध घोषित किए गए। कमेटी ने पहले उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। 5 जून 2025 को ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद 8 जून की रात को आधा दर्जन से ज्यादा बुलडोजर चलाए गए। मलबा साफ करने के साथ ही क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया।
लक्कड़शाह बाबा मजार का ऐतिहासिक महत्व
लक्कड़शाह बाबा की मजार सबसे चर्चित थी। यहां 16वीं सदी से उर्स और ज्येष्ठ माह में मेला लगता आ रहा था। हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग यहां श्रद्धा दिखाते थे (कुछ रिपोर्ट्स में 60% हिंदू और 40% मुस्लिम श्रद्धालु)। पिछले महीने ही सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के नाम पर मेले पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। कमेटी के सचिव इसरार ने कहा कि ये सदियों पुरानी जगह है, लेकिन वन विभाग ने अचानक अवैध घोषित कर दिया। वे उच्च न्यायालय जाने की बात कह रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और विवाद
कार्रवाई के दौरान पुलिस, पीएसी और वनकर्मी भारी संख्या में तैनात थे। जंगल में वन्यजीवों के खतरे के कारण आम लोगों को दूर रखा गया।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई तनाव न फैले।
कुछ लोग इसे वन संरक्षण की जीत बता रहे हैं,
जबकि अन्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बहराइच दौरे से ठीक पहले यह कार्रवाई हुई, जिससे चर्चा और तेज हो गई।
निष्कर्ष: वन भूमि पर सख्ती जारी
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की अतिक्रमण मुक्त अभियान का हिस्सा है
, जहां वन भूमि पर कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जा रहा।
बहराइच में पहले भी कई जगहों पर बुलडोजर चला है,
और अब कतर्नियाघाट जंगल में यह बड़ा एक्शन देखने को मिला।
वन विभाग का कहना है
कि कानून सबके लिए बराबर है – चाहे कोई भी निर्माण हो।
आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना है।