अयोध्या रामलला को भव्य स्वर्ण कोदंड भेंट
अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर में आज एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब रामलला को ओडिशा से लाया गया भव्य ‘स्वर्ण कोदंड’ (सोने का धनुष) भेंट किया गया। यह धनुष पंचधातु (सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहा) से निर्मित है और इसकी अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपये से अधिक है। धनुष पर कारगिल युद्ध के शहीदों के नाम और ऑपरेशन सिंदूर (कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की प्रमुख सैन्य कार्रवाई) की वीरता को स्वर्णाक्षरों में अंकित किया गया है। इसे तैयार करने में 48 महिलाओं की टीम ने 18 महीने से अधिक समय लगाया।
स्वर्ण कोदंड की विशेषताएं और निर्माण
यह धनुष पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें रामायण काल के कोदंड की शैली को अपनाया गया है। मुख्य आकर्षण इसकी ऊंचाई (लगभग 5 फीट) और वजन (करीब 45 किलो) है। धनुष के दोनों सिरों पर सोने की जड़ाई, बीच में पंचधातु की परत और कारगिल शहीदों के नामों की सूची स्वर्ण अक्षरों में उकेरी गई है। महिलाओं की टीम ने ओडिशा के पुरी जिले के एक गांव में इसे तैयार किया। टीम की प्रमुख कलाकार सुश्री लक्ष्मी प्रिया ने बताया, “हमने इसे रामलला के सम्मान और देश के शहीदों को श्रद्धांजलि के रूप में बनाया। हर महिलाओं ने अपने हाथों से काम किया, ताकि यह धनुष सिर्फ आभूषण न रहकर भावना का प्रतीक बने।”
कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि
धनुष के एक तरफ कारगिल युद्ध (1999) में शहीद हुए 527 भारतीय सैनिकों के नाम अंकित हैं। दूसरी तरफ ऑपरेशन सिंदूर (कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने वाली प्रमुख सैन्य कार्रवाई) के दौरान वीरता दिखाने वाले सैनिकों का उल्लेख है। यह धनुष भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदान को राम भक्ति के साथ जोड़ता है। भेंट समारोह में मौजूद पूर्व सैनिकों और परिवारों ने इसे भावुक क्षण बताया।
भेंट समारोह और राम मंदिर ट्रस्ट की प्रतिक्रिया
भेंट समारोह में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों, पुजारियों और हजारों भक्तों की मौजूदगी रही। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “यह धनुष रामलला की शोभा बढ़ाएगा और देश की एकता, शौर्य और भक्ति का प्रतीक बनेगा। 48 महिलाओं का यह प्रयास हमें गर्व से भर देता है।” धनुष को रामलला के गर्भगृह के पास विशेष स्थान पर स्थापित किया गया है।
महिलाओं की टीम और ओडिशा का योगदान
यह धनुष ओडिशा की 48 महिलाओं की कला और समर्पण का नतीजा है।
टीम में विभिन्न उम्र की महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने घर-घर से योगदान देकर इसे पूरा किया।
ओडिशा की मुख्यमंत्री ने भी इस प्रयास की सराहना की और कहा कि
यह धनुष ओडिशा और अयोध्या के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा।
राम भक्तों के लिए प्रेरणा
यह भेंट रामलला के प्रति देशव्यापी भक्ति और देशभक्ति का प्रतीक है। कारगिल शहीदों के नाम अंकित होने से
धनुष न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि राष्ट्रवाद और बलिदान की भावना को भी जीवंत करता है।
राम मंदिर में अब यह स्वर्ण कोदंड भक्तों के लिए नया आकर्षण बन गया है।
अयोध्या आने वाले हर भक्त के लिए
यह धनुष राम की शक्ति और देश की एकता का संदेश दे रहा है।