सरयू स्नान, आस्था का सैलाब
रामनगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पावन पर्व बड़े उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। 27 मार्च 2026 को रामनवमी के अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु सरयू नदी में पवित्र स्नान कर रामलला के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। सरयू तट पर लगभग 500 मीटर तक भक्तों की भारी भीड़ नजर आ रही है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु स्नान के बाद राम जन्मभूमि मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
आस्था का भव्य सैलाब
रामनवमी के दिन अयोध्या पूरी तरह राममय हो गई है। राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया सामान्य समय से करीब एक घंटा पहले शुरू कर दी गई है। मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्था की है कि दर्शन देर रात करीब 11 बजे तक जारी रहेंगे। भक्त रामलला के दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भजन-कीर्तन, रामधुन और जयकारों का सिलसिला पूरे दिन चल रहा है।
दोपहर 12 बजे विशेष जन्मोत्सव
दोपहर ठीक 12 बजे राम जन्मोत्सव का विशेष उल्लास देखने को मिलेगा। इस पावन अवसर पर पूरे अयोध्या सहित प्रदेश के करीब 8000 मंदिरों में एक साथ भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। राम जन्मभूमि मंदिर में दोपहर 12 बजे रामलला का भव्य सूर्य तिलक भी किया जाएगा, जो लगभग चार मिनट तक चलेगा। इस दौरान मंदिर में विशेष आरती और पूजन होगा। लाखों भक्त इस दिव्य क्षण को देखने और रामलला के आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
रामनगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अयोध्या को 6 जोन और 29 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। रामपथ, सरयू तट और मंदिर मार्गों पर भक्तों की सुविधा के लिए पानी, छाया, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
राम भक्ति का अद्भुत नजारा
रामनवमी का यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। भक्त राम नाम का
जाप करते हुए सरयू स्नान कर रहे हैं और रामलला के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
अयोध्या की गलियां, मंदिर और घाट राम भक्ति से गूंज रहे हैं। दूरदराज के जिलों और राज्यों से आए
श्रद्धालु इस पावन अवसर पर रामलला के चरणों में झुकने के लिए बेताब दिख रहे हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों से अपील की है कि वे अनुशासन बनाए रखें,
भीड़ में धक्का-मुक्की न करें और मास्क तथा सैनिटाइजर का उपयोग करें।
ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा के लिए लाइव प्रसारण और डिजिटल स्क्रीन की भी व्यवस्था की है।
अयोध्या में रामनवमी 2026 का उत्सव आस्था, भक्ति और
उल्लास से भरा हुआ है। सरयू स्नान, रामलला दर्शन और दोपहर
12 बजे होने वाला सामूहिक जन्मोत्सव इस पर्व को यादगार बना रहा है। करीब 8000 मंदिरों में
एक साथ मनाया जाने वाला श्रीराम जन्मोत्सव पूरे देश में राम भक्ति की लहर पैदा कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की सतर्कता से भक्त निर्विघ्न दर्शन कर पा रहे हैं।
रामनवमी का यह पावन अवसर भगवान राम की शिक्षाओं – मर्यादा, धर्म और भक्ति – को याद दिलाता है।
अयोध्या आज पूरे विश्व के राम भक्तों का केंद्र बनी हुई है। जय श्री राम!
