गोदारा ने फिर दी धमकी, एडीजी ने कहा – “दोबारा हिमाकत ठीक नहीं”
दिशा पाटनी के घर हमला: सोशल मीडिया के जरिए भावनाएं भड़काने की कोशिश
मुंबई की मशहूर अदाकारा दिशा पाटनी के घर पर हाल ही में हुए हमले के मामले ने पूरे फिल्मी जगत और प्रशासन को हिला कर रख दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि हमले से जुड़े लोगों का संपर्क सीधे रोहित गोदारा से था और हमलावरों ने अभिनेत्री के घर पर हमला कर दहशत फैलाने की कोशिश की।
पुलिस की सख्त चेतावनी
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने साफ शब्दों में कहा है कि –
“ऐसी हरकतों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर दोबारा इस तरह की हिमाकत की गई तो पुलिस और सख्त कदम उठाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले के पीछे गैंगस्टर रोहित गोदारा की भूमिका पर गंभीरता से जांच की जा रही है और उसकी धमकियों का उचित जवाब दिया जाएगा।
कैसे हुआ हमला
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों को अभिनेत्री दिशा पाटनी का पता ई-मेल के जरिए मिला था। इस घटना में दो किशोर भी शामिल थे जिन्हें गैंगस्टर ने अपने जाल में फंसाया।
हमलावरों ने नकली पिस्तौल और जिम का सामान लेकर हमला किया ताकि पुलिस और लोगों में दहशत का माहौल बनाया जा सके।
गोदारा की रणनीति
जानकारी के मुताबिक, कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा लगातार सोशल मीडिया के जरिए अपनी धमकियां फैलाता रहा है। उसका मकसद लोगों की भावनाएं भड़काना और डर का माहौल बनाना है।
गैंगस्टर ने पहले भी कई बार फिल्म जगत और कारोबारी जगत की बड़ी हस्तियों को निशाना बनाया है। अब उसने दिशा पाटनी को टारगेट कर यह दिखाने की कोशिश की है कि वह अभी भी सक्रिय है।
हमलावरों की गिरफ्तारी
नोएडा पाटनी के घर पर हुए हमले के तुरंत बाद पुलिस ने छापेमारी की और हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि इनका संपर्क रोहित गोदारा से था।
दोनों किशोरों ने कबूल किया कि उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सिग्नल ऐप के माध्यम से निर्देश दिए गए थे।
“मोह बदलकर देते हैं अंजाम”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रोहित गोदारा गैंग अक्सर मोह बदलकर घटनाओं को अंजाम देता है।
कभी छोटे बच्चों और किशोरों को बहला-फुसलाकर इस्तेमाल करता है।
कभी नकली हथियारों से दहशत फैलाता है।
और कभी सोशल मीडिया के जरिए धमकियां देता है।
यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर चुनौती मान रही हैं।
