सगी बहनों को अगवा करने की कोशिश, इलाके में मचा हड़कंप – सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर से पुलिस ने आरोपी किशोर को किया गिरफ्तारगोरखपुर, संवाददाता।गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक नाबालिग किशोर ने नौ और सात वर्षीय सगी बहनों को अगवा करने की कोशिश की। दोनों बच्चियां बाल-बाल बच गईं, वहीं आरोपी की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने फुटेज के आधार पर देर रात आरोपी किशोर को पकड़ लिया।जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 7:45 बजे मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति की दो बेटियां – एक नौ साल की और दूसरी सात साल की – पास के जनरल स्टोर पर पेंसिल खरीदने गई थीं। लौटते समय रास्ते में सफेद कुर्ता-पायजामा पहने एक किशोर उनके पीछे-पीछे चलने लगा। जैसे ही दोनों बच्चियां गली के मोड़ पर पहुंचीं, किशोर ने मौका पाकर उनके मुंह पर रूमाल रखकर पकड़ने की कोशिश की।दोनों बहनों ने घबराकर शोर मचाना शुरू कर दिया। उसी वक्त पास में मौजूद एक कुत्ता भी भौंकने लगा। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। भीड़ को आता देख आरोपी घबराकर मौके से पैदल ही भाग निकला। डर से कांपती दोनों बच्चियां किसी तरह घर पहुंचीं और पिता को पूरी बात बताई।पिता ने तुरंत मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कराई। फुटेज में सफेद कुर्ता-पायजामा पहने किशोर को घटनास्थल के पास घूमते और बच्चियों का पीछा करते हुए देखा गया। फुटेज के आधार पर रात करीब 9 बजे घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के सभी कैमरों की जांच की। फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी किशोर की पहचान की। देर रात उसे उसके घर से हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।पुलिस के मुताबिक आरोपी नाबालिग है और उसी मोहल्ले में रहता है। उसका व्यवहार पहले से भी संदिग्ध बताया जा रहा है। आसपास के लोग बताते हैं कि वह अक्सर गलियों में घूमता रहता था और बच्चों से बातचीत करने की कोशिश करता था।एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी स्पष्ट दिखाई दे रहा था। “हमने उसे देर रात गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है और उसके परिजनों को भी सूचना दी गई है,” उन्होंने कहा।इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। माता-पिता में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मोहल्ले में गश्त बढ़ाने और अंधेरे वाले इलाकों में अतिरिक्त लाइट लगाने की मांग की है।घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने बच्चियों की सूझबूझ और साहस की सराहना की, वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि ऐसे किशोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों न की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न कर सके।इस घटना ने यह भी साबित किया कि सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने में कितने महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। अगर फुटेज न होता तो आरोपी की पहचान करना मुश्किल होता। पुलिस का कहना है कि मोहल्ले में लगे कैमरों की वजह से ही आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।फिलहाल आरोपी किशोर को बाल संरक्षण कानूनों के तहत पूछताछ के लिए भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पहले भी किसी और बच्ची से ऐसी हरकत तो नहीं की।इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि अब आवश्यक है कि मोहल्लों में गश्त बढ़ाई जाए और बच्चों को आत्मरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाए ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में खुद को बचा सकें।पुलिस ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही माता-पिता से कहा गया है कि छोटे बच्चों को अकेले न भेजें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।गोरखपुर की यह घटना जहां एक ओर समाज के लिए चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर यह मिसाल भी है कि तकनीक और जागरूकता मिलकर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर सकती है।