लखनऊ में जमावड़ा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश भर के विधानसभा और विधान परिषद के पीठासीन अधिकारियों का बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। 19 से 21 जनवरी 2026 तक विशेष सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष और सभापति शामिल होंगे। सम्मेलन के बाद 22 जनवरी को सभी पीठासीन अधिकारी अयोध्या दौरे पर जाएंगे। यह आयोजन लोकतंत्र की मजबूती और विधानमंडलों की कार्यप्रणाली पर मंथन का अवसर होगा।
यह सम्मेलन विधानसभा अध्यक्षों और सभापतियों का राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मंच है, जहां विधायी कार्यों, संसदीय परंपराओं और चुनौतियों पर चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष इस सम्मेलन के मेजबान होंगे। सम्मेलन में विधानमंडलों की डिजिटलाइजेशन, संसदीय प्रक्रिया सुधार और युवा विधायकों की भूमिका जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। सभी राज्यों से पीठासीन अधिकारी लखनऊ पहुंचेंगे और अनुभव साझा करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य: लोकतंत्र मजबूत करना
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विधानमंडलों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना है। चर्चा के प्रमुख बिंदु:
- संसदीय नियमों का पालन।
- विधायी प्रक्रिया में पारदर्शिता।
- डिजिटल विधानमंडल।
- महिला और युवा विधायकों की भागीदारी।
- सदन की गरिमा।
- अंतरराज्यीय सहयोग।
- चुनौतियां और समाधान।
यह मंथन लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
अयोध्या दौरा: राम मंदिर दर्शन
सम्मेलन के बाद 22 जनवरी को सभी पीठासीन अधिकारी अयोध्या जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम:
- राम मंदिर दर्शन।
- प्राण प्रतिष्ठा स्थल।
- सांस्कृतिक महत्व।
- हनुमान गढ़ी।
- सरयू आरती।
- विकास कार्य निरीक्षण।
- भक्ति और एकता।
यह दौरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का है।
तैयारी और सुरक्षा: पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने तैयारी की:
- लखनऊ में आवास।
- सुरक्षा बल।
- ट्रैफिक प्लान।
- सम्मेलन हॉल।
- अयोध्या दौरा व्यवस्था।
- स्वास्थ्य टीम।
- मीडिया कवरेज।
इंतजाम पुख्ता हैं।
महत्व: राष्ट्रीय एकता का संदेश
यह आयोजन:
- पीठासीन अधिकारियों की एकता।
- विधानमंडल मजबूत।
- सांस्कृतिक विरासत।
- अयोध्या महत्व।
- लोकतंत्र गरिमा।
- राज्य सहयोग।
- जनता संदेश।
यह सम्मेलन ऐतिहासिक होगा।