प्रतीक यादव ने पत्नी अपर्णा यादव से तलाक
प्रतीक यादव का तलाक का ऐलान: मुलायम परिवार में नया विवाद
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर मुलायम सिंह यादव परिवार चर्चा में है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी एवं भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है। प्रतीक ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा, जिसमें उनका व्यक्तिगत दर्द और भावनात्मक पीड़ा साफ झलक रही है। इस पोस्ट में उन्होंने अपर्णा यादव को “स्वार्थी महिला” तक कह डाला है।
यह घटना न केवल एक वैवाहिक संबंध का अंत है, बल्कि मुलायम परिवार की एकता और राजनीतिक रिश्तों पर भी गहरा असर डाल सकती है। अपर्णा यादव लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़ी हुई हैं और कई बार सपा परिवार के खिलाफ बयान दे चुकी हैं।
प्रतीक यादव के पोस्ट में छलका दर्द
प्रतीक यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने अपर्णा यादव से रिश्ता निभाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अपर्णा ने हमेशा अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी। पोस्ट में उन्होंने लिखा:
“मैंने जितना हो सका, रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन स्वार्थी इंसान कभी नहीं बदलते। आज मैं यह फैसला ले रहा हूं कि अपर्णा यादव से तलाक ले रहा हूं। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन अब और सहन करने की गुंजाइश नहीं बची।”
प्रतीक ने आगे लिखा कि अपर्णा ने परिवार की गरिमा और उनके बच्चों के भविष्य को नजरअंदाज किया। पोस्ट में उनका दर्द और निराशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस पोस्ट को देखकर हजारों लोगों ने कमेंट्स में प्रतीक यादव के साथ अपनी संवेदना जताई है।
अपर्णा यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। शादी के बाद से ही उनके वैवाहिक जीवन में मतभेद की खबरें आती रही हैं। 2019 के बाद अपर्णा यादव ने भाजपा जॉइन कर ली और सपा परिवार के खिलाफ कई बयान दिए। उन्होंने अखिलेश यादव और पूरे सपा परिवार पर कई आरोप लगाए, जिससे परिवार में तनाव बढ़ता गया।
*अपर्णा यादव ने कई बार दावा किया कि उन्हें परिवार में सम्मान नहीं मिला और
वे स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक राह चुनना चाहती हैं। अब प्रतीक यादव के तलाक के ऐलान से
अपर्णा यादव औपचारिक रूप से मुलायम परिवार से बाहर हो जाएंगी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह घटना सपा और भाजपा दोनों के लिए सुर्खियां बटोर रही है। सपा समर्थक इसे अपर्णा की “
गद्दारी” के रूप में देख रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे अपर्णा की बहादुरी बता रहे हैं।
मुलायम परिवार में यह पहली ऐसी सार्वजनिक वैवाहिक टूटन है,
जो राजनीतिक रंग ले चुकी है।
प्रतीक यादव का यह कदम परिवार की एकता पर सवाल भी खड़े कर रहा है।
कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे सपा के अंदरूनी कलह को और हवा मिल सकती है।
निजी रिश्तों में राजनीति का दखल
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव का यह मामला निजी रिश्तों में राजनीति के दखल का एक बड़ा उदाहरण है।
प्रतीक का दर्द भरा पोस्ट और तलाक का फैसला दोनों के बीच गहरे मतभेदों को उजागर करता है।
अब सवाल यह है कि इस घटना का असर मुलायम
परिवार की राजनीतिक छवि और सपा की एकता पर कितना पड़ेगा।
समय ही बताएगा कि यह वैवाहिक टूटन कितनी दूर तक असर डालेगी।