रामगढ़ताल में जमीनी विवाद
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के महेवा फलमंडी गांव में जमीनी विवाद ने एक जान ले ली। 8 दिसंबर 2025 को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए अनिल साहनी का गुरुवार (29 जनवरी 2026) को लखनऊ पीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि फलमंडी चौकी प्रभारी दरोगा पंकज ने शुरू से मामले को हल्के में लिया और दबंगों के साथ मिलीभगत कर हल्की धाराओं में एनसीआर दर्ज कर दिया। पत्नी शारदा साहनी ने रोते हुए कहा कि दरोगा की लापरवाही के कारण उनके पति की मौत हुई और अब उनके तीन बच्चों का भविष्य खतरे में है।
घटना का पूरा विवरण: जमीनी विवाद से हत्या तक
अनिल साहनी महेवा फलमंडी के निवासी थे। उनके पास 28 डिसमिल जमीन है, जो दादी चनजोता देवी के नाम पर थी। आरोप है कि दादी के भतीजे अमित, रवि, धर्मेंद्र और अतुल ने बहला-फुसलाकर जमीन अपने नाम करवा ली। अनिल ने कोर्ट में केस दायर कर दिया, जो अभी विचाराधीन है।
8 दिसंबर को चारों भाई जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। अनिल को सूचना मिली तो वह पत्नी शारदा और मां कमली देवी के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन चारों ने लाठी-डंडों से अनिल और शारदा पर जमकर हमला कर दिया। अनिल को अधमरा छोड़कर आरोपी फरार हो गए। सूचना पर फलमंडी चौकी प्रभारी दरोगा पंकज मौके पर पहुंचे और अनिल का मेडिकल कराया, लेकिन शारदा का मेडिकल नहीं कराया गया, जिससे परिजनों को मिलीभगत का शक हुआ।
थाने में हल्की धाराओं में एनसीआर दर्ज कर अनिल को जिला अस्पताल भेज दिया गया। हालत बिगड़ने पर 10 दिसंबर को अनिल को लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया। परिजनों ने एसएसपी से शिकायत कर दरोगा पंकज की मिलीभगत और धारा बढ़ाने की मांग की। एसएसपी ने जांच का आश्वासन दिया था। लेकिन 29 जनवरी को अनिल की मौत हो गई। शव को घर लाया गया और परिजन रो-रोकर बुरा हाल हो गए।
पत्नी शारदा का दर्द: दरोगा पर मिलीभगत का आरोप
पत्नी शारदा ने कहा, “दरोगा पंकज शुरू से मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे थे।
दबंगों के साथ मिलकर हल्का मुकदमा दर्ज किया। मेरे पति की मौत हो गई,
मेरे दो बेटियां और एक बेटा है। अब हमारा जीवन यापन कैसे होगा? दरोगा पर कार्यवाही हो और चारों आरोपियों – अमित, रवि, धर्मेंद्र, अतुल – पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी हो।”
परिजनों ने उच्चाधिकारियों से अपील की है कि मामला हत्या का है, धारा 302 दर्ज की जाए।
उन्होंने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई
रामगढ़ताल थाना प्रभारी ने बताया कि मामला जांच के अधीन है। अनिल की मौत की सूचना मिलते ही
पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर यदि हत्या साबित होती है तो धारा बढ़ाई जाएगी।
दरोगा पंकज पर लगे आरोपों की भी जांच होगी। एसएसपी
गोरखपुर ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द कार्रवाई होगी।
यह मामला गोरखपुर में जमीनी विवादों में हिंसा और पुलिस की भूमिका पर फिर से सवाल खड़े कर रहा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब देखना है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है और न्याय कब मिलता है।