एम्स गोरखपुर में इलाज के लिए तरसा एक इंजीनियर बेटा था, जिसने डेंगू से पीड़ित होकर एम्स की इमरजेंसी में भर्ती का प्रयास किया, लेकिन इलाज न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है।
पिता, जो बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं, ने इस मामले की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता और एम्स चेयरमैन को की है।
उन्होंने बताया कि उनके 27 साल के बेटे को डेंगू हुआ था और एम्स गोरखपुर में भर्ती न किए जाने की वजह से काफी परेशानियां हुईं।
जब वे एम्स पहुंचे तो गार्ड ने जानकारी लेते ही इलाज न होने की बात कही, डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स न बढ़ाने और ओपीडी में जाने की सलाह दी। अंततः इलाज न मिलने के कारण उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
एम्स मीडिया सेल की चेयरपर्सन ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और जांच कराई जाएगी