अयोध्या वैश्विक तीर्थराज बनने की राह पर: सरयू तट पर भव्य विकास
अयोध्या, भगवान राम की जन्मभूमि, अब एक वैश्विक तीर्थराज बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। राम मंदिर निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने शहर के विकास को नई गति दी है। हाल ही में राज्यों के भवनों और होटलों के लिए जमीन आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो अयोध्या को पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में मजबूत बनाएगी। सरयू नदी के तट पर 1407 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही ग्रीनफील्ड टाउनशिप लाखों श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण साबित होगी। यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत को जोड़कर अयोध्या को स्मार्ट सिटी में तब्दील कर देगी।
राज्यों के भवनों के लिए आवंटन: एक ऐतिहासिक कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में सभी राज्यों के लिए भवनों के निर्माण हेतु जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज कर दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से देश के हर राज्य का अपना प्रतिनिधित्व अयोध्या में होगा। आवंटित भूमि पर राज्य सरकारें सांस्कृतिक केंद्र, अतिथिगृह और प्रशासनिक भवन बनाएंगी। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों ने पहले ही आवेदन कर दिए हैं। यह कदम राम जन्मभूमि मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा।
आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ई-लॉटरी के माध्यम से हो रही है, जिसमें 100 एकड़ से अधिक भूमि विभिन्न राज्यों को दी जा चुकी है। सरयू तट पर स्थित ये भवन पारंपरिक वास्तुकला पर आधारित होंगे, जो अयोध्या की प्राचीनता को आधुनिकता से जोड़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना स्थानीय रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगी। हजारों कारीगर, इंजीनियर और मजदूर इसमें लगेंगे। भवनों के आसपास पार्किंग, सड़कें और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
होटलों के लिए जमीन आवंटन: पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
अयोध्या में होटल आवंटन की प्रक्रिया भी जोरों पर है। सरयू नदी के किनारे प्रीमियम प्लॉट्स पर 5-स्टार होटल चेन जैसे ताज, ओबरॉय और ITC ने रुचि दिखाई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने 500 एकड़ से अधिक भूमि होटल प्रोजेक्ट्स के लिए आरक्षित की है। आवंटन में पर्यावरण मानकों का पालन अनिवार्य है, ताकि सरयू का प्राकृतिक सौंदर्य बरकरार रहे।
इन होटलों में लग्जरी सूट्स, रामायण थीम वाले रेस्टोरेंट और स्पा सुविधाएं होंगी। अनुमान है कि अगले 5 वर्षों में अयोध्या में 50,000 होटल रूम तैयार हो जाएंगे। इससे पर्यटन उद्योग को करोड़ों का लाभ होगा। राम मंदिर के बाद प्रतिदिन 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं, जिसके लिए ठहरने की व्यवस्था जरूरी है। आवंटित प्लॉट्स पर निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू हो सकता है।
सरयू तट पर 1407 एकड़ ग्रीनफील्ड टाउनशिप: भविष्य का शहर
अयोध्या विकास का सबसे बड़ा चेहरा है सरयू तट पर बस रही 1407 एकड़ ग्रीनफील्ड टाउनशिप। यह पूरी तरह नई बस्ती होगी, जिसमें स्मार्ट सिटी की सभी सुविधाएं होंगी। ग्रीनफील्ड होने से यहां शून्य से निर्माण हो रहा है, जो पर्यावरण-अनुकूल होगा।
टाउनशिप में रिहायशी इलाके, कमर्शियल जोन, हॉस्पिटल, स्कूल और मंदिर कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।
सरयू नदी को घेरते हुए 10 किमी लंबा घाट विकसित किया जा रहा है। सोलर एनर्जी,
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी तकनीकें यहां लागू होंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 10,000 करोड़ से अधिक निवेश सुनिश्चित किया है।
टाउनशिप का केंद्र राम मंदिर से जुड़ेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आसान पहुंच प्रदान करेगी।
इस टाउनशिप में 20,000 आवासीय यूनिट्स बनेंगी, जो मध्यम वर्ग के लि
ए किफायती होंगी। साथ ही, स्टार्टअप हब और आईटी पार्क स्थापित होंगे, जो युवाओं को रोजगार देंगे।
निर्माण में स्थानीय सामग्री का उपयोग होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी।
अयोध्या विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
ये परियोजनाएं अयोध्या के स्थानीय निवासियों के लिए वरदान साबित होंगी।
हजारों नौकरियां पैदा होंगी, खासकर निर्माण, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में।
सरयू तट का सौंदर्य बढ़ेगा, जो इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगा। योगी सरकार की
अयोध्या मास्टर प्लान 2031 तक शहर को 50 लाख आबादी वाला बनाने का लक्ष्य रखती है।
निष्कर्षतः, राज्यों के भवनों, होटलों का आवंटन और ग्रीनफील्ड टाउनशिप
अयोध्या को विश्व पटल पर चमकाएगी। यह राम जन्मभूमि का सच्चा उत्सव होगा।
अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।