अलीगढ़ नगर निगम
अलीगढ़ नगर निगम के संपत्ति कर विभाग की लापरवाही और मनमानी एक बार फिर सामने आई है। आवास विकास कॉलोनी में मकान नंबर 2297 के निवासी स्व. गंगा सिंह के परिवार को 27 फरवरी को बड़ा झटका लगा। विभाग ने बकाया दिखाकर उनके मकान को सील कर दिया, जबकि परिवार ने जुलाई में ही 7,194 रुपये का संपत्ति कर जमा कर दिया था। रसीद भी मौजूद थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
परिणामस्वरूप दादी और उनके पोते अंशुमन सिंह चार घंटे तक घर में कैद रहे। अंशुमन नौवीं कक्षा का छात्र है और उसी दिन उसकी बोर्ड परीक्षा थी, जो पूरी तरह छूट गई। परिवार ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे निगम की टीम आई और बिना किसी पूर्व सूचना के मकान पर ताला लगा दिया। जब परिवार ने रसीद दिखाई तो अधिकारियों ने कहा कि नया बिल 57,446 रुपये का है और पुरानी रसीद मान्य नहीं है।
परिवार ने विभाग में की शिकायत, लेकिन कोई सुनवाई नहीं
घटना के बाद परिवार के सदस्य तुरंत नगर निगम के कर विभाग पहुंचे। उन्होंने जुलाई में जमा की गई रसीद दिखाई और पुराने बिल का भुगतान साबित किया। लेकिन अधिकारियों ने कान पर जूं तक नहीं रेंगने दी। परिवार का कहना है कि निगम ने बिना जांच के नया बिल जारी कर दिया और जबरन वसूली के लिए मकान सील कर दिया। इस दौरान दादी और पोता घर के अंदर फंसे रहे। बाहर से ताला लगने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और अंशुमन की परीक्षा का समय निकल गया।
चार घंटे बाद किसी तरह पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से ताला खुलवाया गया। लेकिन तब तक परीक्षा का समय खत्म हो चुका था। परिवार ने बताया कि बच्चा बहुत परेशान है और उसकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है।
निगम की लापरवाही से सवाल: रसीद होने पर भी क्यों सील?
यह घटना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। परिवार ने पहले ही कर जमा कर दिया था, रसीद थी, फिर भी नया बिल जारी कर मकान सील करना कहां तक उचित है? स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम अक्सर पुराने रिकॉर्ड चेक किए बिना
नए बिल थोप देता है और जबरन वसूली करता है।
कई अन्य परिवारों ने भी ऐसी शिकायतें की हैं कि रसीद दिखाने पर भी अधिकारी नहीं सुनते।
परिवार ने नगर निगम आयुक्त और जिला प्रशासन से शिकायत करने की तैयारी की है।
उन्होंने मांग की है कि मकान सील करने का आदेश रद्द किया जाए,
बच्चे की परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्था हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
ऐसी घटनाएं आम: नागरिकों में बढ़ रहा आक्रोश
अलीगढ़ में संपत्ति कर को लेकर ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
नागरिकों का कहना है कि निगम की मनमानी से
आम आदमी परेशान है। रसीद होने के बावजूद बकाया दिखाना और मकान सील करना अन्यायपूर्ण है।
इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
परिवार ने कहा कि वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे और बच्चे की
परीक्षा के नुकसान की भरपाई की मांग करेंगे। स्थानीय लोग भी
इस मामले में परिवार के साथ खड़े हैं और निगम के खिलाफ प्रदर्शन की बात कर रहे हैं।
यह घटना साबित करती है कि सरकारी विभागों में लापरवाही और मनमानी कितनी गंभीर समस्या बन गई है।
नागरिकों को न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद है।