लोहड़ी 2026: खुशियों और उमंग का त्योहार
13 जनवरी 2026 को पूरे उत्तर भारत में लोहड़ी का पावन पर्व बड़े उत्साह से मनाया गया। यह फसल उत्सव सर्दियों के अंत और नए साल की शुरुआत का प्रतीक है, जहां लोग अलाव जलाकर गीत गाते हैं, रेवड़ी-गज्जक बांटते हैं और खुशियां मनाते हैं। लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली-एनसीआर में धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे विशेष महत्व दिया।
अखिलेश यादव की हार्दिक शुभकामनाएं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने देशवासियों को लोहड़ी 2026 की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह से भरा हुआ है। उन्होंने इस त्योहार को प्रकृति के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक बताया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा, “लोहड़ी पर्व प्रकृति के प्रति गहरी आस्था का भी त्योहार है। सभी को खुशियां, समृद्धि और नई उम्मीदें मिलें।”
उनकी यह शुभकामना न केवल सामान्य जनता के लिए थी, बल्कि उन्होंने सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश भी दिया। यह बयान ऐसे समय में आया जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न समुदायों के साथ जुड़ाव बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं।
सपा मुख्यालय पर पंजाबी समाज का विशेष सत्कार
13 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय (19, विक्रमादित्य मार्ग) में एक खास मुलाकात हुई। पंजाबी समाज के अध्यक्ष तथा लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री श्री पवन मनोचा ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। उन्होंने पावन पर्व लोहड़ी की बधाई दी और रेवड़ी तथा मिठाई भेंट की।
यह मुलाकात काफी गर्मजोशी भरी रही। पवन मनोचा ने अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता की सराहना की और कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सभी समुदायों के साथ खड़ी रही है। अखिलेश यादव ने इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात का स्वागत किया और पंजाबी समाज को लोहड़ी के पर्व पर शुभकामनाएं दीं। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर साझा किए गए, जिससे हजारों लोगों ने इसे लाइक और शेयर किया।
लोहड़ी का सांस्कृतिक महत्व
लोहड़ी मुख्य रूप से सूर्य देव और फसल की देवी को समर्पित है।
यह त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है
(2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को)। पंजाबी समुदाय में नई फसल की पहली बार अलाव में भुनी जाती है
और परिवार के नए सदस्यों (नवविवाहित जोड़े या नवजात) के लिए विशेष महत्व रखता है।
यह पर्व न केवल खुशियां बांटने का माध्यम है, बल्कि सामाजिक एकता,
भाईचारा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी प्रतीक है। अखिलेश यादव जैसी
प्रमुख राजनीतिक हस्तियों द्वारा इस त्योहार को महत्व देना विभिन्न समुदायों के बीच पुल का काम करता है।
निष्कर्ष: सद्भाव और विकास का संदेश
लोहड़ी 2026 के इस अवसर पर अखिलेश यादव की शुभकामनाएं और पंजाबी समाज के साथ
मुलाकात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों और समुदायों के साथ जुड़ी हुई है।
ऐसे पलों से राजनीतिक दलों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाता है। आइए हम सब मिलकर
इस पर्व की भावना को बनाए रखें और एक बेहतर समाज का निर्माण करें।
लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌾🔥