उत्तर प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कई जिलों में एयरपोर्ट विस्तार परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में अब जिस जिले का नाम सबसे आगे आया है, वह है गोरखपुर। यहां के महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट का विस्तार अगले चरण में प्रवेश करने जा रहा है। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी कर ली है और दिसंबर 2025 से छह गांवों में अधिग्रहण कार्य शुरू होने जा रहा है।
छह गांवों की जमीन पर होगी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए प्रशासन ने छह आसपास के गांवों को चिह्नित किया है। इनमें टिकरिया, बढ़या, जंगल सिकरीगंज, चरगांवा, मनसापुर और बसडीहा गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुल करीब 350 एकड़ भूमि की जरूरत बताई गई है, जिसमें से अधिकांश भूमि कृषि उपयोग की है। जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य पूरा करने का निर्देश दे दिया है। दिसंबर के पहले सप्ताह में भूमि का मुआवजा निर्धारण आरंभ होगा, जिसके बाद जमीन को औपचारिक रूप से एयरपोर्ट प्राधिकरण को सौंपा जाएगा।
रनवे और टर्मिनल दोनों का होगा विस्तार
इस परियोजना के तहत न केवल रनवे की लंबाई को बढ़ाने की योजना है, बल्कि यात्री टर्मिनल भवन को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे लगभग 2700 मीटर लंबा है, जिसे बढ़ाकर 3400 मीटर तक करने पर विचार चल रहा है। इससे बड़े विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ संभव होगी।
साथ ही, नए टर्मिनल का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे एक साथ लगभग 700 यात्रियों की क्षमता पूरी की जा सकेगी।एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के इंजीनियरों की टीम ने विस्तारित क्षेत्र का निरीक्षण भी कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, विस्तार के बाद गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के अलावा अन्य महानगरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू की जा सकेंगी।
दिसंबर से शुरू होगी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
गोरखपुर मंडल के जिलाधिकारी ने बताया कि नवंबर में अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद दिसंबर में अधिग्रहण कार्य आरंभ होगा। प्रभावित किसानों को कानूनन उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को नुकसान नहीं होगा और सभी पक्षों की सहमति से भूमि ली जाएगी।राजस्व विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं। उन्हें परियोजना के लाभ और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताया जा रहा है ताकि विरोध की स्थिति उत्पन्न न हो।
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
एयरपोर्ट विस्तार से गोरखपुर और आसपास के जिलों जैसे देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बस्ती के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यहां न केवल हवाई सेवाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र पहले से ही प्रसिद्ध है — यहां गोरखनाथ मंदिर, रामगढ़ताल, और नजदीकी कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल जैसे बड़े आकर्षण हैं।
एयरपोर्ट के बड़े होने से इन जगहों पर देश-विदेश से पर्यटकों का आना भी आसान होगा।वाणिज्यिक दृष्टि से भी विस्तार का असर दिखाई देगा। एयर कार्गो सुविधा शुरू होने से कृषि उत्पादों, हथकरघा वस्त्र, फूड प्रोसेसिंग और औद्योगिक सामानों की आवाजाही तेज होगी। इससे स्थानीय उद्योगों को नया बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
गोरखपुर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना केंद्र की “उड़े देश का आम नागरिक” (UDAN) योजना के तहत की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि छोटे शहरों को बड़े शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ा जाए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए वित्तीय सहयोग और प्रशासनिक अनुमोदन दे दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार अपने संबोधनों में कहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए हवाई संपर्क अत्यंत आवश्यक है।राज्य सरकार ने इसके साथ-साथ वाराणसी, अयोध्या, कुशीनगर और प्रयागराज के एयरपोर्टों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की योजना बनाई है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश में हवाई यात्रा का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर स्तर का बन जाएगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह और उम्मीद
गोरखपुर में एयरपोर्ट विस्तार की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में उत्साह बढ़ गया है। व्यापारियों का मानना है कि एयरपोर्ट बड़ा होने से शहर में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। वहीं युवाओं को उम्मीद है कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।कई गांवों के निवासियों ने यह भी कहा कि यदि सरकार पारदर्शी तरीके से मुआवजा देती है, तो वे परियोजना का पूरा समर्थन करेंगे। प्रशासन भी कोशिश में है कि किसानों के साथ संवाद लगातार बना रहे और किसी प्रकार का विवाद न हो।
निष्कर्ष
दिसंबर 2025 से गोरखपुर में एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होना एक बड़ा विकास कदम है। छह गांवों के सहयोग से यह कार्य पूरा होकर शहर को हवाई दृष्टि से नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह न केवल बुनियादी ढांचे को सशक्त करेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति भी देगा। आने वाले दो वर्षों में गोरखपुर उत्तर भारत का एक प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में उभर सकता है।
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