वायुसेना का ट्रेनिंग विमान क्रैश
प्रयागराज में 21 जनवरी 2026 की दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग विमान केपी कॉलेज (कृष्णा प्रसाद कॉलेज) के पास क्रैश हो गया और पास के तालाब में गिर पड़ा। सौभाग्य से दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए और उन्हें मामूली चोटें आईं। हादसा दोपहर करीब 2:15 बजे हुआ, जब विमान नियमित ट्रेनिंग फ्लाइट पर था। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, एसडीआरएफ और वायुसेना की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें विमान तालाब में गिरते और धुआं उठता दिख रहा है।
हादसे की पूरी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान (संभवतः हॉक AJT या किरण Mk-II ट्रेनर) कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। अचानक यह नियंत्रण से बाहर हो गया और तेजी से नीचे की ओर आया। केपी कॉलेज के पास खुले मैदान और तालाब क्षेत्र में गिरने से बड़ा नुकसान टल गया, वरना जमीन पर गिरने से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। विमान तालाब में गिरा, जिससे पानी में धमाका हुआ और धुआं उठा। दोनों पायलट ने इजेक्ट सीट का इस्तेमाल किया और पैराशूट से सुरक्षित उतर आए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला। पायलटों को इलाज के लिए प्रयागराज के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राहत कार्य और जांच
हादसे के तुरंत बाद प्रयागराज पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हुईं। वायुसेना की टीम ने क्रैश साइट को घेर लिया और ब्लैक बॉक्स रिकवर करने की कोशिश शुरू की। तालाब से विमान के हिस्से निकाले जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हादसे की जांच शुरू हो गई है। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की जाएगी, जिसमें तकनीकी खराबी, मौसम या मानवीय त्रुटि के पहलुओं की जांच होगी। वायुसेना ने पुष्टि की कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उनकी हालत अच्छी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
केपी कॉलेज के छात्र और स्थानीय निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं। कई छात्रों ने बताया कि वे कॉलेज में थे जब अचानक तेज आवाज आई और धुआं उठा।
लोग तुरंत बाहर निकले और राहत कार्य में मदद की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं,
जहां लोग राहत कार्य और पायलटों को सुरक्षित निकालते दिख रहे हैं।
कई लोगों ने वायुसेना की तारीफ की कि पायलट सुरक्षित बचे।
महत्व और सुरक्षा पर सवाल
प्रयागराज जैसे घनी आबादी वाले शहर में ट्रेनिंग फ्लाइट्स के दौरान
ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि
ट्रेनिंग एरिया को शहर से दूर रखना चाहिए या उड़ान के दौरान सख्त प्रोटोकॉल अपनाने चाहिए।
यह हादसा वायुसेना के लिए सबक है कि
ट्रेनिंग विमानों की नियमित जांच और पायलटों की सुरक्षा पर और ध्यान दिया जाए।