किसानों की उदारता ने कायम की समाज सेवा की मिसाल
आगरा जिले के एक छोटे से गांव खंदारी में कुछ साधारण किसानों ने ऐसा कार्य किया है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है। इन किसानों ने अपनी निजी जमीन दान में दे दी, ताकि गांव में ही एक अस्पताल (या उप-स्वास्थ्य केंद्र) बन सके। पहले यहां के लोग बीमारी पड़ने पर 18 किलोमीटर दूर शहर के अस्पतालों के चक्कर काटते थे। टूटी-फूटी सड़कें, सीमित परिवहन और बारिश में कीचड़ भरी राहें – इन सबके कारण कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती थी।
यह दान सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर एक बड़ा सवाल भी है। स्थानीय प्रशासन अब इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
खंदारी गांव की स्थिति: स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
खंदारी गांव आगरा से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां ज्यादातर लोग छोटे जोत वाले किसान हैं, जो गेहूं, सरसों और सब्जियों की खेती पर निर्भर हैं। गांव में कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है, न ही कोई निजी क्लिनिक। गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को मामूली बुखार, चोट या प्रसव के लिए भी एटा रोड पर स्थित सरकारी अस्पताल जाना पड़ता है – जो 18 किमी दूर है।
बारिश के मौसम में सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं, ऑटो-रिक्शा नहीं मिलते, और कई बार मरीजों को पैदल या बैलगाड़ी से जाना पड़ता है। एक किसान रामवीर सिंह ने अपनी पीड़ा साझा की: “मेरी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो रात के अंधेरे में 18 किमी पैदल और बैलगाड़ी से तय करना पड़ा। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते हालत बिगड़ गई। ऐसे में हमने सोचा, क्यों न अपनी जमीन दान कर दें ताकि गांव में ही इलाज मिल सके।”
किसानों का फैसला: जमीन दान से अस्पताल निर्माण
किसानों की यह उदारता देखते ही बनती है। उन्होंने अपनी निजी जमीन प्रशासन के नाम दान कर दी, ताकि गांव में उप-स्वास्थ्य केंद्र या छोटा अस्पताल बन सके। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा उदाहरण है।
प्रशासन ने इस दान को स्वीकार कर लिया है। अब अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
जल्द ही शिलान्यास और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
यह परियोजना ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।
ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां
यह घटना सिर्फ खंदारी तक सीमित नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या है:
- दूर-दराज के गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी।
- खराब सड़कें और परिवहन की समस्या से इमरजेंसी में देरी।
- महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष जोखिम।
- ऐसे में किसानों का यह कदम समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
प्रेरणा और उम्मीद की किरण
खंदारी के किसानों ने दिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
उनकी जमीन दान से न सिर्फ गांव में इलाज मिलेगा, बल्कि कई जिंदगियां बचेंगी। स्थानीय प्रशासन को
इस परियोजना को समय पर पूरा करना चाहिए, ताकि यह मिसाल पूरे देश में फैले।
किसानों की उदारता सलाम! ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का समय आ गया है।