बरेली के तौकीर रजा के करीबी पर हुए बाजार सोल बवाल पर प्रशासन और पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। इस मामले में अब तक 29 और आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है, जबकि पहले ही 55 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस ने नाले पर अवैध कब्जा करके बनाई गई 74 दुकानों को बंद करा दिया है और आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के दफ्तर को भी सील कर ताला जड़ दिया गया है
घटना का पूरा घटनाक्रमशुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शहर में उपद्रव हुआ। पुलिस की एफआईआर और प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। हिंसा की यह वारदात पूरे एक षड्यंत्र के तहत रची गई थी। भीड़ ने पुलिस पर हमला बोला, पुलिस वालों की वर्दी के बैज नोच लिए गए, डंडे छीन लिए गए तथा पुलिस पर फायरिंग और पेट्रोल बम से हमला तक हुआ। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी। इस झगड़े में करीब 17 पुलिसकर्मी और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए
मुख्य आरोपी व कार्रवाईबार-बार पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी के रूप में मौलाना तौकीर रजा, उनके करीबी डॉ. नफीस, नदीम खान, लियाकत जैसे नाम सामने आए। पुलिस ने शाहजहांपुर से नदीम खान को, डॉ. नफीस को देर रात गिरफ्तार किया। डॉ. नफीस पर आरोप है कि उन्होंने नाले और नजूल की जमीन पर अवैध रूप से 74 दुकानों का बाजार बनवाया था। इससे होने वाली आय का बड़ा हिस्सा संगठन में इस्तेमाल होता था। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पूरी मार्केट को सोमवार शाम सील कर दिया गया। दुकानों में मौजूद सामान को हटवाकर सब पर लाल पर्चा मार दिया गया
आईएमसी दफ्तर पर तालाआईएमसी का दफ्तर भी सील कर दिया गया है।