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मुंबई में करोड़ों रुपए की ठगी कर भागे आरोपी और उसके शिकार हुए लोगों के बीच एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है। मामला गोरखपुर के नौकायन क्षेत्र का है, जहां एक होटल से पीड़ितों ने ही एक मार्केटिंग एजेंट को उठा लिया। एजेंट को फंसाने के लिए अपहरण की कहानी गढ़ी गई, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो पूरा मामला ठगी और धोखाधड़ी का निकला।
कैसे हुआ घटनाक्रम
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के नौकायन स्थित एक होटल में ठहरा एजेंट अनुराग 11 सितंबर की रात मुंबई से फ्लाइट लेकर गोरखपुर आया था। देर रात करीब 2:10 बजे वह नौकायन होटल में चेक-इन करता है। अगले दिन पीड़ित पक्ष के लोग—पंकज, शैलेश, सुधीर, राम राज, जिग्नेश पटेल और सोहेल—वहां पहुंचते हैं।
इन लोगों ने खुद को व्यापारिक सौदे में ठगा हुआ बताया और आरोप लगाया कि मुंबई के एजेंट मोहम्मद इंदर ने उनसे करोड़ों की ठगी की है और भाग निकला। इनके अनुसार, अनुराग ही इंदर का नजदीकी साथी है और इसी कड़ी को पकड़ने के लिए उसे होटल से उठा ले गए।
पुलिस तक कैसे पहुंची सूचना
पुलिस को सबसे पहले अपहरण की सूचना मिली। शिकायत में कहा गया कि अनुराग को बंधक बनाकर अज्ञात लोग ले गए हैं। मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने छानबीन शुरू की। जल्द ही सामने आया कि अनुराग को अपहरण करने वाले वही लोग हैं, जो खुद को पीड़ित बता रहे थे।
एसपी सिटी अभिनन्दन ने बताया कि इन सभी ने खुद को निवेशक बताया और कहा कि इंदर ने उनसे भारी-भरकम रकम ली लेकिन वापस नहीं की। इसके चलते वे गुस्से में आकर अनुराग को पकड़कर ले गए।
जांच में क्या निकला
पुलिस की जांच में यह साफ हुआ कि एजेंट अनुराग ने न तो सीधे तौर पर पैसा लिया था और न ही वह किसी तरह के अपहरण का शिकार हुआ। दरअसल, पीड़ितों ने खुद ही उसे अपने साथ रखा और पैसे की रिकवरी के लिए दबाव बनाया।
पूछताछ में अनुराग ने बताया कि इंदर ने उसे गोरखपुर बुलाया था ताकि वह पीड़ितों को समझा सके। लेकिन जब वह होटल में ठहरा, तभी पीड़ित लोग वहां पहुंच गए और उसे उठाकर ले गए। उन्होंने कहा कि अगर पैसे वापस नहीं मिले तो उसे भी इंदर की तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई
रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों और पीड़ितों दोनों को हिरासत में ले लिया। अब मामले में अपहरण की धारा लगाकर केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, धोखाधड़ी और वित्तीय लेन-देन से जुड़े बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम में इंदर नाम का व्यक्ति मुख्य आरोपी है, जो अभी फरार चल रहा है। उसके खिलाफ अलग से ठगी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
- मुंबई में ठगी – आरोपी मोहम्मद इंदर ने निवेशकों से करोड़ों रुपए लिए और गायब हो गया।
- गोरखपुर बुलावा – इंदर ने अपने एजेंट अनुराग को गोरखपुर बुलाया।
- होटल में पहुंचा एजेंट – 11 सितंबर की रात नौकायन होटल में रुका।
- पीड़ितों का गुस्सा – खुद को ठगा हुआ बताने वाले 5-6 लोग वहां पहुंचे और एजेंट को उठा ले गए।
- पुलिस में अपहरण की खबर – सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की।
- सच्चाई सामने आई – अपहरण की कहानी झूठी निकली, मामला ठगी और पैसों के लेन-देन से जुड़ा पाया गया।
- आरोपी फरार – मुख्य आरोपी मोहम्मद इंदर मुंबई से फरार है।
पुलिस का बयान
एसपी सिटी ने कहा—
“प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह पूरा मामला वित्तीय धोखाधड़ी और लेन-देन से जुड़ा है। आरोपी इंदर अभी फरार है। होटल से उठाए गए एजेंट को लेकर जो अपहरण की कहानी गढ़ी गई थी, वह झूठी साबित हुई। फिलहाल दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।”