कपड़े की दुकान में भीषण आग
गोरखपुर के हृदय स्थल गोलघर मार्केट में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। व्यस्त बाजार में स्थित एक प्रमुख कपड़े की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खरीदारी करने आए ग्राहक, आसपास के दुकानदार और राहगीर चीख-पुकार मचाते हुए भागने लगे। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते दुकान का पूरा स्टॉक जलने लगा। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटेभर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक लाखों रुपये का माल राख हो चुका था। सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, लेकिन दो लोग धुएं से झुलस गए।
यह घटना गोलघर मार्केट के मध्य भाग में स्थित ‘फैशन हब’ नामक दुकान में हुई। दुकान मालिक राजेश कुमार ने बताया कि दोपहर के व्यस्त समय में अचानक ग्राउंड फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट से स्पार्क हुआ, जो तुरंत कपड़ों तक पहुंच गया। सिंथेटिक सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली और धुआं ऊपरी मंजिल तक भर गया। दुकान में करीब 20-25 ग्राहक मौजूद थे, जो अफरा-तफरी में आपस में ठोकर खाते हुए बाहर निकले। एक ग्राहक ने बताया, “धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। सब चिल्ला रहे थे, लेकिन दमकलकर्मी समय रहते पहुंचे।”
घटना का विवरण: कैसे फैली आग और मचा हाहाकार
गोलघर मार्केट पूर्वांचल का सबसे व्यस्त शॉपिंग हब है, जहां रोजाना हजारों लोग कपड़े, जूते और अन्य सामान खरीदने आते हैं। सोमवार को भी बाजार में भीड़ उमड़ी हुई थी। दुकान के ग्राउंड फ्लोर पर रेडीमेड गारमेंट्स का स्टॉक था, जबकि ऊपरी हिस्से में स्टोर रूम। शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने 10 मिनट के अंदर ही पूरे स्टॉक को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास की दुकानों में भी धुआं घुस गया, जिससे पड़ोसी दुकानदारों ने अपने सामान को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
इलाके में अफरा-तफरी का आलम यह था कि महिलाएं-बच्चे भागते हुए सड़क पर गिर पड़े। ट्रैफिक जाम हो गया और लोग मोबाइल पर वीडियो बनाते नजर आए। सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें वायरल हो गईं, जहां #GolgharFire ट्रेंड करने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाजार में पार्किंग की कमी के कारण कई वाहन फंस गए, लेकिन पुलिस ने तुरंत रूट डायवर्ट कर ट्रैफिक कंट्रोल किया।
फायर ब्रिगेड की तत्परता: रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता
सूचना मिलते ही गोलघर फायर स्टेशन से 4 दमकल गाड़ियां और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। फायर अधिकारी शांतनु यादव के नेतृत्व में टीम ने पहले पीए सिस्टम से लोगों को शांत रहने की हिदायत दी। लैडर का सहारा लेकर ऊपरी मंजिल से फंसे दो कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया। आग बुझाने के लिए पानी की बौछारों के साथ-साथ फोम का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े जलने पर ज्वलनशील गैस निकल रही थी। करीब 1.5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझ गई।
एसएसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट कारण सामने आया है।
दुकान में इलेक्ट्रिकल वायरिंग पुरानी होने से ऐसा हुआ।
दो झुलसे लोगों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर है।
दमकल विभाग ने बाजार में सुरक्षा ऑडिट की सिफारिश की है।
नुकसान का आकलन: आर्थिक झटका और सबक
आग में दुकान का 80% स्टॉक जल गया, जिसका अनुमानित नुकसान 15-20 लाख रुपये बताया जा रहा है।
दुकान मालिक राजेश कुमार ने कहा, “दिवाली के बाद बिक्री अच्छी चल रही थी
, यह नुकसान हमें साल भर पीछे धकेल देगा।
” आसपास की दुकानों को भी धुएं से नुकसान हुआ।
यह घटना गोलघर जैसे बाजारों में फायर सेफ्टी की कमी को उजागर करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी बिजली वायरिंग और ओवरलोडिंग आम कारण हैं।
पिछले कुछ महीनों में गोरखपुर में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं।
सितंबर में शाहपुर में कपड़ा व्यापारी के घर आग लगी थी
, जहां फायर टीम ने 5 लोगों को बचाया था।
कैंपियरगंज में भी एक इमारत में 25 लाख का नुकसान हुआ