लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘दो नमूने’ वाले तंज पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया है। अखिलेश ने कहा कि चौराहे वाली भाषा से जनता बुरा मान जाएगी और सत्ता की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। यह विवाद कोडिन कफ सिरप कांड से जुड़ा है, जहां योगी ने अखिलेश पर निशाना साधा था। योगी ने कहा था कि देश में दो नमूने हैं – एक लखनऊ का बउआ, जो चर्चा के समय भाग जाते हैं। अखिलेश ने इसका जवाब देते हुए कहा कि ऐसी भाषा सत्ता के लिए शोभा नहीं देती। यह बयानबाजी 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा रही है। सपा ने योगी के बयान को व्यक्तिगत हमला बताया, जबकि BJP ने कहा कि सच्चाई कड़वी होती है।
अखिलेश ने कहा कि जनता सब देख रही है और जवाब देगी। यह विवाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और लोगों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। योगी सरकार कोडिन कांड पर सख्त है, जबकि सपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। यह घटना यूपी में सपा और BJP के बीच बढ़ते टकराव को दिखाती है। दोनों पार्टियां चुनावी तैयारी में जुटी हैं। अखिलेश का पलटवार सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भर रहा है। यह ब्लॉग योगी के तंज और अखिलेश पलटवार की पूरी डिटेल्स, मुख्य बयान, राजनीतिक प्रभाव, सपा-BJP विवाद और अपडेट्स बताएगा। यदि आप यूपी राजनीति से जुड़े हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।
योगी का तंज: ‘दो नमूने’ और लखनऊ का बउआ
*योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप कांड पर बोलते हुए विपक्ष पर हमला बोला। मुख्य बयान:
- देश में दो नमूने – एक लखनऊ का बउआ।
- चर्चा के समय देश छोड़कर भाग जाते हैं।
- कोडिन माफियाओं पर बुलडोजर चलाएंगे।
- ठगों और माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।
- सपा का इतिहास माफिया संरक्षण का।
योगी ने कहा कि नशा माफिया कुचले जाएंगे।
अखिलेश का पलटवार: चौराहे वाली भाषा पर आपत्ति
*अखिलेश यादव ने तुरंत जवाब दिया:
- चौराहे वाली भाषा से जनता बुरा मान जाएगी।
- सत्ता की गरिमा बनाए रखें।
- व्यक्तिगत हमले न करें।
- जनता सब देख रही है।
- सपा जनहित में काम करती है।
अखिलेश ने कहा कि योगी बयानबाजी से ध्यान भटका रहे हैं।

विवाद का बैकग्राउंड: कोडिन कांड
यह विवाद कोडिन कफ सिरप कांड से जुड़ा:
- जहरीला सिरप से मौतें।
- नशा तस्करी।
- गिरफ्तारियां।
- राजनीतिक आरोप।
- सपा पर संरक्षण का आरोप।
यह कांड राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
राजनीतिक प्रभाव: 2027 चुनाव में गर्मी
यह बयानबाजी से:
- सपा vs BJP टकराव।
- चुनावी तापमान बढ़ा।
- कार्यकर्ताओं में उत्साह।
- जनता में चर्चा।
- सोशल मीडिया ट्रेंड।
2027 में यह मुद्दा बनेगा।
प्रतिक्रियाएं: सपा उत्साहित, BJP सख्त
प्रतिक्रियाएं:
- सपा: योगी का बयान गैरजिम्मेदाराना।
- BJP: सच्चाई कड़वी है।
- जनता: मिश्रित, कुछ हंस रहे।
- विशेषज्ञ: व्यक्तिगत हमले से राजनीति गिरावट।
- वायरल मीम्स।