आवारा पशुओं का आतंक
गोरखपुर जिले के नारगपट्टी क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ गया है। किसान फसलें बचाने में असमर्थ हो रहे हैं और रात में पशुओं के हमले से डर के साये में जी रहे हैं। सड़कों पर घूमते ये पशु हादसों का कारण भी बन रहे हैं। किसानों का कहना है कि आवारा गाय, बैल और अन्य पशु खेतों में घुसकर फसल चट कर जाते हैं। यह समस्या सालों से चली आ रही है, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। नारगपट्टी के कई गांवों में किसान रात भर जागकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। प्रशासन से गोशाला बनाने और पशुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है। यह आतंक किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहा है और आर्थिक नुकसान हो रहा है।
आवारा पशुओं का आतंक: फसलें बर्बाद
नारगपट्टी क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या बढ़ गई है। मुख्य समस्या:
- गाय, बैल और अन्य पशु खेतों में घुसते हैं।
- धान, गेहूं, सब्जी और दलहन फसलें बर्बाद।
- रात में पशु हमला करते हैं।
- किसान रात भर जागकर रखवाली करते हैं।
- कई किसानों की पूरी फसल नष्ट।
किसान कहते हैं, “मेहनत से उगाई फसल पशु चट कर जाते हैं।”
सड़कों पर खतरा: हादसे बढ़े
आवारा पशु सड़कों पर भी आतंक मचा रहे हैं:
- मुख्य मार्ग पर घूमते पशु।
- रात में वाहन टकराने का खतरा।
- कई छोटे हादसे हो चुके।
- राहगीर डरते हैं।
- ट्रैफिक जाम की समस्या।
यह खतरा जानलेवा साबित हो सकता है।
किसानों का दर्द: मेहनत पर पानी
किसान परेशान हैं:
- आर्थिक नुकसान लाखों में।
- परिवार की जीविका प्रभावित।
- रात में नींद नहीं।
- बच्चे और महिलाएं डर में।
- खेती छोड़ने की नौबत।
एक किसान ने कहा, “पशु फसल खा जाते हैं, हम क्या करें?”
कारण: गोशाला की कमी और लापरवाही
समस्या के मुख्य कारण:
- गोशाला की कमी।
- पशु पकड़ने का अभियान बंद।
- लोग पशु छोड़ देते हैं।
- प्रशासन की उदासीनता।
- कानून का पालन नहीं।
यह समस्या पूरे यूपी में है, लेकिन नारगपट्टी में गंभीर।
मांग: गोशाला और कार्रवाई
किसान मांग कर रहे हैं:
- क्षेत्र में गोशाला बनाई जाए।
- आवारा पशु पकड़े जाएं।
- अभियान चलाया जाए।
- मुआवजा दिया जाए।
- सुरक्षा व्यवस्था।