आयुष्मान मरीजों से वसूली पर
गोरखपुर जिले में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी मरीजों से अवैध वसूली पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से किसी भी रूप में वसूली नहीं की जाएगी। यह निर्देश मरीजों की शिकायतों के बाद दिया गया है। योजना के तहत मरीजों को मुफ्त इलाज मिलना चाहिए, लेकिन कुछ अस्पताल अतिरिक्त पैसे मांग रहे थे। अब ऐसी शिकायत मिलने पर अस्पतालों पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई होगी। यह कदम गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत देगा। आयुष्मान योजना से जिले में हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। प्रशासन ने अस्पतालों की मॉनिटरिंग बढ़ा दी है और हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है। यह फैसला स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाएगा। मरीज अब बिना डर के इलाज करा सकेंगे।
निर्देश की मुख्य बातें: वसूली पर जीरो टॉलरेंस
प्रशासन ने 12 निजी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- आयुष्मान मरीजों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं।
- इलाज, दवाएं और टेस्ट मुफ्त।
- बिल में पूरी पारदर्शिता।
- शिकायत पर तुरंत जांच।
- दोषी अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई – जुर्माना से लाइसेंस रद्द तक।
यह निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी हुआ है।
शिकायतों का कारण: मरीजों की परेशानी
शिकायतें बढ़ने की वजह:
- कुछ अस्पताल अतिरिक्त पैसे मांगते थे।
- दवाएं बाहर से खरीदने को कहा जाता।
- टेस्ट और अन्य शुल्क वसूले जाते।
- गरीब मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित।
- योजना का लाभ नहीं मिल पाता।
अब इन शिकायतों पर तुरंत एक्शन होगा।
आयुष्मान योजना का लाभ: गरीबों के लिए वरदान
आयुष्मान भारत योजना यूपी में बड़ी सफलता है:
- 5 लाख तक मुफ्त इलाज।
- अस्पताल भर्ती, ऑपरेशन, दवाएं शामिल।
- निजी और सरकारी अस्पताल पैनल में।
- गोरखपुर में हजारों मरीज लाभान्वित।
- कैशलेस इलाज।
यह योजना गरीबों का स्वास्थ्य बोझ कम करती है।