गोरखपुर में मौसम विभाग
गोरखपुर और आसपास के इलाकों में सर्दी ने कहर बरपा दिया है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। शीतलहर से ठिठुरन इतनी बढ़ गई है कि सड़कों पर विजिबिलिटी जीरो हो गई है। 18 दिसंबर 2025 को घना कोहरा और सर्द हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस वजह से 25 ट्रेनें लेट पहुंचीं और कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। हादसों का खतरा बढ़ गया है, पुलिस ने सावधानी बरतने की अपील की है। पूर्वांचल के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4-6 डिग्री तक गिर गया है। यह मौसम स्वास्थ्य और यात्रा दोनों के लिए चुनौती बन रहा है। इस ब्लॉग में हम गोरखपुर के मौसम की पूरी स्थिति, रेड अलर्ट का मतलब, ट्रेनों का लेट होना, विजिबिलिटी जीरो का असर और बचाव के टिप्स बताएंगे। यदि आप गोरखपुर या पूर्वांचल में हैं, तो यह जानकारी जरूरी है।
रेड अलर्ट का मतलब: गंभीर शीतलहर
मौसम विभाग ने गोरखपुर सहित पूर्वांचल में रेड अलर्ट जारी किया है। मुख्य वजह:
- घना कोहरा – विजिबिलिटी 0-50 मीटर।
- शीतलहर – तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री कम।
- सर्द हवाएं – ठिठुरन बढ़ाने वाली।
- अलर्ट: 18-20 दिसंबर तक जारी।
- प्रभावित इलाके: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती आदि।
रेड अलर्ट का मतलब गंभीर स्थिति है, जहां जनजीवन प्रभावित होता है।
सड़कों पर विजिबिलिटी जीरो: हादसों का खतरा
घने कोहरे से सड़कें खतरनाक हो गई हैं। मुख्य समस्या:
- हाईवे पर जाम।
- चेन रिएक्शन हादसे।
- ड्राइवरों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा।
- पुलिस ने स्पीड कम करने की अपील की।
कई छोटे हादसे रिपोर्ट हुए हैं।
25 ट्रेनें लेट: रेल यातायात प्रभावित
कोहरे से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है। मुख्य अपडेट:
- गोरखपुर जंक्शन पर 25 ट्रेनें लेट।
- औसत देरी: 2-6 घंटे।
- दिल्ली, मुंबई और कोलकाता रूट सबसे प्रभावित।
- कई ट्रेनें कैंसल या डाइवर्ट।
- यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे।
रेलवे ने अलर्ट जारी किया है।
स्वास्थ्य और अन्य प्रभाव: ठंड का कहर
ठंड से:
- सांस की बीमारियां बढ़ीं।
- जोड़ों का दर्द।
- बच्चे और बुजुर्ग सबसे प्रभावित।
- फसलें ठंड से खराब होने का खतरा।
- बिजली खपत बढ़ी।