लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक सौहार्दपूर्ण मुलाकात ने नई हलचल पैदा की है। 16 दिसंबर 2025 को लखनऊ में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद से महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मुलाकात जनहित और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित थी। चर्चा में निषाद समाज के विकास, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार जैसे विषय शामिल थे। डॉ. संजय निषाद NDA गठबंधन में BJP के सहयोगी हैं और यूपी में निषाद वोट बैंक पर मजबूत पकड़ रखते हैं। यह मुलाकात 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। इस ब्लॉग में हम इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात की पूरी डिटेल्स, चर्चा के मुख्य बिंदु, राजनीतिक महत्व और निषाद समाज पर प्रभाव बताएंगे। यदि आप यूपी राजनीति या निषाद समाज से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
मुलाकात की डिटेल्स: जनहित और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
मुलाकात लखनऊ में एक निजी स्थान पर हुई। मुख्य बिंदु:
- डॉ. संजय निषाद ने निषाद समाज की समस्याओं पर बात की।
- जनहित के मुद्दे – शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार।
- सामाजिक न्याय और आरक्षण पर जोर।
- सौहार्दपूर्ण माहौल, दोनों पक्षों ने सहयोग का भरोसा दिया।
- मुलाकात 1 घंटे चली।
डॉ. संजय निषाद ने कहा, “यह मुलाकात जनहित के लिए थी। निषाद समाज के विकास पर फोकस रहेगा।”
डॉ. संजय निषाद का प्रोफाइल: निषाद समाज के मजबूत नेता
*डॉ. संजय निषाद निषाद पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। मुख्य बातें:
- यूपी सरकार में मत्स्य मंत्री।
- NDA गठबंधन में BJP सहयोगी।
- निषाद, मल्लाह और बिंद समाज का प्रतिनिधित्व।
- 2022 चुनाव में निषाद पार्टी ने कई सीटें जीतीं।
- सामाजिक न्याय और आरक्षण के लिए संघर्ष।
वे कहते हैं, “निषाद समाज को मुख्यधारा में लाना मेरा मिशन है।”
चर्चा के मुख्य मुद्दे: जनहित और सामाजिक न्याय
मुलाकात में मुख्य चर्चा:
- निषाद समाज को OBC में शामिल करने की मांग।
- मत्स्य पालन और नदी किनारे विकास।
- शिक्षा और रोजगार में आरक्षण।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं।
- सामाजिक सद्भाव और एकता।