नई दिल्ली। राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात ने सियासी कयासों को हवा दे दी है। 16 दिसंबर 2025 को दिल्ली में हुई यह बैठक क्या कांग्रेस में PK की एंट्री का संकेत है? या 2024 लोकसभा चुनाव की हार के बाद कांग्रेस की नई रणनीति का हिस्सा? सूत्रों के अनुसार, PK कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। PK पहले भी कांग्रेस के साथ जुड़ने की अफवाहों में रहे हैं, लेकिन अब 2029 चुनाव से पहले यह मुलाकात महत्वपूर्ण लगती है। यह ब्लॉग इस मुलाकात की पूरी डिटेल्स, PK की भूमिका, कांग्रेस का संकट और राजनीतिक प्रभाव पर विश्लेषण करता है। यदि आप राजनीति में रुचि रखते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
मुलाकात की पूरी डिटेल्स: दिल्ली में हुई गुप्त बैठक
16 दिसंबर को PK और प्रियंका गांधी की दिल्ली में गुप्त मुलाकात हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक 2 घंटे चली और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। PK ने प्रियंका से कांग्रेस की कमजोरियों पर बात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस 2024 चुनाव में बुरी तरह हारी है और संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। PK ने पहले जन सुराज पार्टी बनाई थी, लेकिन अब कांग्रेस में एंट्री की अफवाहें तेज हैं।
PK की पृष्ठभूमि: चुनावी जादूगर की कहानी
प्रशांत किशोर ने 2014 में मोदी की जीत में भूमिका निभाई थी। फिर नीतीश कुमार, जगन मोहन रेड्डी और ममता बनर्जी जैसे नेताओं के लिए काम किया। कांग्रेस के साथ 2022 में बात बनी थी, लेकिन असहमति से टूट गई। PK की ताकत डेटा-ड्रिवन रणनीति है, जो मतदाताओं को टारगेट करती है। यदि PK कांग्रेस में एंट्री करते हैं, तो यह 2029 चुनाव में बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है।
कांग्रेस में एंट्री की तैयारी: क्या कहते हैं सूत्र
सूत्रों के अनुसार, PK कांग्रेस की चुनावी रणनीति संभाल सकते हैं। प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात संगठन मजबूत करने का संकेत है। PK ने कहा था कि वे राजनीति में सक्रिय रहेंगे। कांग्रेस को उत्तर भारत में मजबूती की जरूरत है, जहां PK की रणनीति काम आ सकती है। हालांकि, PK ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राजनीतिक प्रभाव: कांग्रेस को फायदा या चुनौती
PK की एंट्री से कांग्रेस में नई ऊर्जा आ सकती है। लेकिन चुनौतियां भी हैं:
- PK की शर्तें – संगठन में बदलाव।
- गांधी परिवार की भूमिका।
- विपक्षी दलों का विरोध।
- 2029 चुनाव में BJP को टक्कर।
विशेषज्ञों का मानना है कि PK की रणनीति कांग्रेस को पुनर्जीवित कर सकती है।
कांग्रेस का संकट: PK की जरूरत क्यों
2024 चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी। मुख्य समस्या:
- संगठन की कमजोरी।
- युवा वोटर्स से दूरी।
- क्षेत्रीय दलों से गठबंधन।

राजनीतिक प्रभाव: कांग्रेस को फायदा या चुनौती
PK की एंट्री से कांग्रेस में नई ऊर्जा आ सकती है। लेकिन चुनौतियां भी हैं:
- PK की शर्तें – संगठन में बदलाव।
- गांधी परिवार की भूमिका।
- विपक्षी दलों का विरोध।
- 2029 चुनाव में BJP को टक्कर।
विशेषज्ञों का मानना है कि PK की रणनीति कांग्रेस को पुनर्जीवित कर सकती है।
कांग्रेस का संकट: PK की जरूरत क्यों
2024 चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी। मुख्य समस्या:
- संगठन की कमजोरी।
- युवा वोटर्स से दूरी।
- क्षेत्रीय दलों से गठबंधन।