25 साल से सिर्फ लोकेशन बताने में काम आ रही पानी की टंकियां : तारामंडल की कीजिए कि कॉलोनी में अब तक नहीं हुई जलापूर्ति

गोरखपुर की तारामंडल कॉलोनी में 25 साल पुरानी पानी की टंकियां सिर्फ लोकेशन बताने का काम कर रही हैं। इन टंकियों से कॉलोनी में जलापूर्ति अब तक शुरू नहीं हुई है। 15 दिसंबर 2025 की इस शर्मनाक स्थिति ने जल निगम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉलोनी के निवासी 25 साल से नलकूप और टैंकर पर निर्भर हैं। टंकियां बनाई गई थीं, लेकिन पाइपलाइन और कनेक्शन नहीं लगाए गए। निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह घटना गोरखपुर में जलापूर्ति व्यवस्था की कमजोरी को दिखाती है। इस ब्लॉग में हम तारामंडल कॉलोनी की इस समस्या की पूरी डिटेल्स, कारण, निवासियों की परेशानी, जल निगम की प्रतिक्रिया और सुधार की मांग बताएंगे। यदि आप गोरखपुर में रहते हैं या जलापूर्ति से जुड़े मुद्दों में रुचि रखते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।

टंकियों की स्थिति: 25 साल से सिर्फ लोकेशन का काम

तारामंडल कॉलोनी में 2000 के आसपास दो बड़ी पानी की टंकियां बनाई गई थीं। उद्देश्य था कि कॉलोनी में नियमित जलापूर्ति हो। लेकिन:

  • टंकियां बन गईं, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछाई गई।
  • कनेक्शन नहीं लगाए गए।
  • टंकियां खाली पड़ी हैं, सिर्फ लोकेशन बताने का काम कर रही हैं।
  • निवासी कहते हैं, “टंकियां देखकर लगता है कि पानी आएगा, लेकिन 25 साल हो गए।”

कॉलोनी में 500+ परिवार रहते हैं, जो टैंकर और नलकूप पर निर्भर हैं।

कारण: जल निगम की लापरवाही और बजट की कमी

इस समस्या के पीछे मुख्य कारण:

  • जल निगम की लापरवाही – प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया।
  • बजट की कमी – पाइपलाइन के लिए फंड नहीं आवंटित।
  • योजना में बदलाव – अमृत योजना में शामिल नहीं हुई।
  • स्थानीय नेताओं की अनदेखी।

निवासियों ने कई बार DM और जल निगम को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

निवासियों की परेशानी: पानी के लिए रोज संघर्ष

कॉलोनी के लोग रोज पानी के लिए संघर्ष करते हैं। मुख्य समस्या:

  • टैंकर पर निर्भरता – रोज 500-1000 रुपये खर्च।
  • नलकूप का पानी खारा और गंदा।
  • गर्मियों में पानी की भारी किल्लत।
  • महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित।

एक निवासी ने कहा, “25 साल हो गए, टंकियां देखकर गुस्सा आता है।”

जल निगम की प्रतिक्रिया: जांच और कार्रवाई का भरोसा

जल निगम ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारी ने कहा, “जांच होगी। अमृत योजना 2.0 में कॉलोनी को शामिल करने का प्रयास करेंगे।” DM ने भी निर्देश दिए हैं।

जलापूर्ति सुधार के सुझाव

  1. टंकियों को पाइपलाइन से जोड़ें।
  2. अमृत योजना में शामिल करें।
  3. नियमित टैंकर व्यवस्था।
  4. निवासियों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई।