उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए एक नई शुरुआत हो गई है। 15 दिसंबर 2025 से राज्यभर के प्राइमरी स्कूलों में ‘किसान पाठशाला’ शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन, जैविक खेती और आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, योजना का शुभारंभ लखनऊ से हुआ और पूरे यूपी में 1 लाख से ज्यादा किसान इससे जुड़ेंगे। प्राइमरी स्कूलों को पाठशाला का केंद्र बनाया गया है, जहां शाम के समय या सप्ताहांत में क्लासेस होंगी। यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा कदम है। इस ब्लॉग में हम किसान पाठशाला योजना की पूरी डिटेल्स, उद्देश्य, ट्रेनिंग, लाभ और किसानों की प्रतिक्रिया बताएंगे। यदि आप यूपी के किसान हैं या कृषि से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
योजना का शुभारंभ: प्राइमरी स्कूलों में किसान पाठशाला
योगी सरकार ने 15 दिसंबर से योजना शुरू की। मुख्य विशेषताएं:
- स्थान: राज्यभर के प्राइमरी स्कूल।
- समय: शाम 4 से 7 बजे या सप्ताहांत।
- ट्रेनिंग: कम लागत खेती, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट प्रबंधन।
- लाभार्थी: 1 लाख+ किसान (2025-26 में)।
- ट्रेनर: कृषि विशेषज्ञ और स्थानीय शिक्षक।
- मुफ्त: पूरी ट्रेनिंग और सामग्री फ्री।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्राइमरी स्कूल अब किसानों की पाठशाला बनेंगे। कम लागत में अधिक उत्पादन सिखाएंगे।”
उद्देश्य: किसानों की आय दोगुनी करना
योजना का मुख्य लक्ष्य:
- कम लागत में अधिक उत्पादन सिखाना।
- जैविक खेती को बढ़ावा।
- आधुनिक तकनीक (ड्रोन, सोलर पंप) का इस्तेमाल।
- बाजार से सीधा जुड़ाव।
- महिलाओं और युवा किसानों को विशेष ट्रेनिंग।