लखनऊ में सिपाही आलोक सिंह की कोठी सहित 25 ठिकानों पर छापे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कफ सिरप कांड ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 11 दिसंबर 2025 को लखनऊ में सिपाही आलोक सिंह की कोठी सहित 25 ठिकानों पर छापेमारी की। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई 6 शहरों – लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और नोएडा – में हुई। ED को शक है कि सिपाही आलोक सिंह ड्रग्स माफिया से जुड़े हैं और कफ सिरप की अवैध बिक्री से करोड़ों की संपत्ति बनाई है। छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज, नकदी और लग्जरी गाड़ियां जब्त हुईं। यह मामला यूपी में ड्रग्स माफिया और पुलिस कनेक्शन को उजागर करता है। इस ब्लॉग में हम इस कार्रवाई की पूरी डिटेल्स, सिपाही आलोक सिंह का रोल, ED की जांच और ड्रग्स कांड पर प्रभाव बताएंगे।
छापेमारी की पूरी डिटेल्स: 25 ठिकाने, 6 शहर
ED की टीम ने सुबह 6 बजे से छापेमारी शुरू की। मुख्य ठिकाने:
- लखनऊ में सिपाही आलोक सिंह की कोठी (गोमती नगर)।
- कानपुर और वाराणसी में ड्रग्स सप्लायर्स के घर।
- गोरखपुर और प्रयागराज में फार्मेसी और गोदाम।
- नोएडा में बैंक लॉकर और ऑफिस।
टीम ने 200+ अधिकारियों की मदद से दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और नकदी जब्त की। ED ने कहा, “यह कफ सिरप का बड़ा नेटवर्क है, जो कोडीन सिरप की अवैध बिक्री करता था।”
सिपाही आलोक सिंह का रोल: ड्रग्स माफिया से कनेक्शन
आलोक सिंह लखनऊ पुलिस में तैनात सिपाही हैं। ED को शक है कि उन्होंने ड्रग्स माफिया को संरक्षण दिया और कमीशन लेकर सिरप की सप्लाई कराई। उनकी कोठी में छापे में 5 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले। पुलिस ने कहा, “आलोक सिंह मुख्य कड़ी हैं।”
कफ सिरप कांड: कोडीन की अवैध बिक्री
कफ सिरप में कोडीन होता है, जो नशे के लिए इस्तेमाल होता है। UP में 2025 में 500+ केस दर्ज हुए। माफिया फर्जी प्रिस्क्रिप्शन से सिरप बेचते हैं। ED ने कहा, “यह नेटवर्क 100 करोड़ का कारोबार करता था।”
ED की कार्रवाई: संपत्ति जब्त, जांच तेज
ED ने PMLA के तहत कार्रवाई की। 50 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई।
आरोपी के बैंक अकाउंट फ्रीज। ED ने कहा, “मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।”
समाज पर असर: ड्रग्स मुक्त यूपी की चुनौती
यह कांड पुलिस की छवि पर सवाल उठाता है। युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है