योगी आदित्यनाथ का तीखा प्रहार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने होमगार्डों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 दिसंबर 2025 को घोषणा की कि प्रदेश के हर थाने में होमगार्ड रूम बनाया जाएगा। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह योजना होमगार्डों की बेहतर तैनाती, आराम और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। राज्य में 1,500 से ज्यादा थानों में यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे 1.2 लाख होमगार्डों को सीधा लाभ मिलेगा। 2025-26 में योजना पूरी होने का लक्ष्य है। यह फैसला होमगार्डों के लंबे समय से चली आ रही मांगों का जवाब है, जहां वे बिना आराम कक्ष के लंबे समय तक ड्यूटी करते थे। यह ब्लॉग योजना की पूरी डिटेल्स, लाभ, कार्यान्वयन और होमगार्डों की प्रतिक्रियाओं पर फोकस करता है। यदि आप होमगार्ड हैं या इस योजना से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
योजना का पूरा विवरण: हर थाने में होमगार्ड रूम
योगी सरकार ने होमगार्ड विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक थाने में:
- 300-500 वर्ग फुट का अलग रूम बनाया जाए।
- रूम में बिस्तर, चार्जिंग पॉइंट, पानी-बिजली, शौचालय और छोटी रसोई की सुविधा।
- 24 घंटे सुरक्षा और CCTV कवरेज।
- 1,500+ थानों में पहले चरण में 800 थानों में 2025 तक, बाकी 2026 तक।
मुख्य उद्देश्य:
- होमगार्डों को ड्यूटी के दौरान आराम मिले।
- तैनाती में सुविधा, जिससे थाना स्तर पर बेहतर सुरक्षा।
- होमगार्डों का मनोबल बढ़े।
वर्तमान में होमगार्डों को थानों में कोई अलग सुविधा नहीं मिलती, वे बाहर ही बैठते हैं।
योजना के लाभ: 1.2 लाख होमगार्डों को राहत
- आराम और स्वास्थ्य: लंबी ड्यूटी में थकान कम होगी, बीमारी का खतरा घटेगा।
- बेहतर तैनाती: रूम में रहकर तुरंत ड्यूटी पर जा सकेंगे।
- सुरक्षा: CCTV और लाइटिंग से चोरी-हादसों में कमी।
- आर्थिक लाभ: होमगार्डों को अतिरिक्त भत्ता मिलने की संभावना।
- महिला होमगार्डों के लिए: अलग रूम से सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा।
होमगार्ड महासंघ के अध्यक्ष ने कहा, “यह हमारी 10 साल पुरानी मांग थी। CM योगी ने सुनी, हम आभारी हैं।”
कार्यान्वयन और बजट: 2025-26 में पूरा लक्ष्य
- बजट: 150-200 करोड़ रुपये।
- निर्माण: PWD और स्थानीय ठेकेदारों से।
- पहले चरण: 800 थाने (प्राथमिकता ग्रामीण इलाकों को)।
- दूसरे चरण: बाकी थाने 2026 तक।
- निगरानी: जिलाधिकारी और SSP की जिम्मेदारी।
योगी ने कहा, “होमगार्ड हमारी सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं। उन्हें सम्मान और सुविधा मिलनी चाहिए।”