गोरखपुर न्यूज: ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से दो मजदूरों की मौत – दर्दनाक हादसा, परिवारों में कोहराम

गोरखपुर। पूर्वांचल के गोरखपुर जिले में एक बार फिर सड़क हादसे ने दो परिवारों को सदमे में डाल दिया। खजनी थाना क्षेत्र के बांसगांव रोड पर रात के अंधेरे में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने मजदूरी करने जा रहे दो मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 5 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे हुई, जब मजदूर पैदल ही काम पर जा रहे थे। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में मजदूरों की असुरक्षित जिंदगी को भी उजागर करता है। इस ब्लॉग में हम इस घटना की पूरी जानकारी, कारण, पुलिस कार्रवाई और बचाव के उपाय बताएंगे। यदि आप गोरखपुर या आसपास रहते हैं

, तो सड़क सुरक्षा के टिप्स जरूर पढ़ें।

हादसे का पूरा विवरण: क्या-क्या हुआ खजनी में?

घटना खजनी थाना क्षेत्र के बांसगांव रोड पर हुई। मृतक मजदूरों की पहचान रामप्रताप (35) पुत्र रामलखन निवासी गगहा और शिवपूजन (42) पुत्र रामसेवक निवासी खजनी के रूप में हुई है। दोनों ही स्थानीय ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात को काम खत्म कर दोनों पैदल ही घर लौट रहे थे। तभी बांसगांव की ओर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली ने अचानक टक्कर मार दी। चालक ने गाड़ी पर नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्राली पलट गई और दोनों मजदूर उसके नीचे दब गए।

स्थानीय ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर दौड़े और पुलिस को सूचना दी। पहुंची खजनी पुलिस ने शवों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। रामप्रताप के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि शिवपूजन की पत्नी बीमार हैं। यह हादसा गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते ट्रैक्टर दुर्घटनाओं का एक और उदाहरण है।

ट्रैक्टर हादसों के कारण: क्यों हो रहे हैं ऐसे दुखद हादसे?

गोरखपुर जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्राली आम वाहन हैं, लेकिन इनकी अनदेखी से हादसे बढ़ रहे हैं। मुख्य कारण:

  • तेज रफ्तार और लापरवाही: चालक अक्सर रात में बिना लाइट के गाड़ी चलाते हैं। इस केस में चालक ने कथित तौर पर शराब पी रखी थी।
  • खराब सड़कें: बांसगांव रोड पर गड्ढे और संकरी सड़कें दुर्घटना को आमंत्रित करती हैं।
  • ओवरलोडिंग: ट्राली पर भारी माल लदा होने से ब्रेक फेल हो जाते हैं।
  • मजदूरों की असुरक्षा: पैदल या बाइक पर चलने वाले मजदूरों को कोई सुरक्षा नहीं।

उत्तर प्रदेश में 2025 में अब तक 500 से अधिक ट्रैक्टर हादसे हो चुके हैं, जिनमें 200 से ज्यादा मौतें हुई हैं। गोरखपुर मंडल में ही पिछले तीन महीनों में 15 ऐसे केस दर्ज हैं। यह आंकड़े सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट से लिए गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई: चालक फरार, जांच जारी

खजनी थानाध्यक्ष ने बताया कि चालक मौके से फरार हो गया है। IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ट्रैक्टर को सीज कर लिया गया, और चालक की तलाश में टीमें लगी हैं। जिलाधिकारी ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है

कि ब्लड सैंपल चेक से शराब का पता चलेगा।

परिवारों को सरकारी सहायता का भरोसा दिया गया है।

यह कार्रवाई गोरखपुर पुलिस की सख्ती दिखाती है, लेकिन फरार चालकों को पकड़ना चुनौती है।

मजदूरों और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा टिप्स

ऐसे हादसों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी:

  1. रात में हेडलाइट जलाएं: ट्रैक्टर चालकों को रिफ्लेक्टर लगाएं।
  2. पैदल चलते समय रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनें: मजदूर सड़क किनारे चलें।
  3. शराबबंदी का पालन: चालते समय नशा न करें।
  4. सड़क मरम्मत की मांग: ग्रामीण सड़कों पर गड्ढों की शिकायत 1077 पर करें।
  5. हेलमेट और सुरक्षा गियर: बाइक सवार मजदूरों के लिए अनिवार्य। इन उपायों से 30% हादसे कम हो सकते हैं
  6. , जैसा WHO रिपोर्ट कहती है।