93वें संस्थापक सप्ताह समारोह
गोरखपुर, 4 दिसंबर 2025: महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (MPSP) के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का भव्य शुभारंभ आज गोरखपुर में हुआ। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDRF) के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी उपस्थित रहे। सीएम योगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “विकसित भारत के निर्माण के लिए हर भारतवासी को मिलकर काम करना होगा। भारत 2000 सालों से महाशक्ति है, और अब हम वैश्विक स्तर पर नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं।” यह समारोह परिषद के संस्थापक ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और विस्तारक राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
MPSP संस्थापक सप्ताह का भव्य शुभारंभ: शोभायात्रा में 4 हजार विद्यार्थियों ने दिखाया अनुशासन
समारोह का उद्घाटन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। परिषद से जुड़े दर्जनों संस्थानों के करीब 4 हजार विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। शोभायात्रा में अनुशासन, पथ संचलन, सामाजिक जागरूकता पर आधारित झांकियां और नारे प्रमुख थे। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने शोभायात्रा को सलामी दी। गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी और परिषद के संयुक्त मंत्री योगी कमलनाथ ने बताया कि समारोह को सफल बनाने के लिए एक हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लगे हुए हैं।
यह वार्षिक आयोजन 4 से 10 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं जैसे वाद-विवाद, क्विज, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और सामाजिक जागरूकता अभियान शामिल हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल तराई के 5 करोड़ आबादी के लिए शिक्षा केंद्र बने गोरखपुर में MPSP नौ दशक से अधिक समय से ज्ञान का प्रकाश स्तंभ है। सीएम योगी ने कहा, “यह सप्ताह अनुशासन पर्व है। विद्यार्थी कठिन परिश्रम और टीम भावना से खुद को बदलें, तभी दुनिया बदलेगी।”
सीएम योगी का प्रेरक संदेश: भारत की प्रतिभा ने हमेशा दुनिया को प्रभावित किया
अध्यक्षता करते हुए सीएम योगी ने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के उदाहरण देकर प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “जो खुद को बदलने में सक्षम है, वही दुनिया को प्रभावित करता है। भारत की प्रतिभा को जब भी अवसर मिला, उसने लोहा मनवाया। आज विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए सामूहिक शक्ति जरूरी है। 2047 तक हम समृद्ध भारत बनाएंगे, जहां हर नागरिक का योगदान होगा।” योगी ने जोर दिया कि शिक्षा मूल्यपरक होनी चाहिए, जो राष्ट्रीयता, अनुशासन और सेवा भाव जगाए।
उन्होंने MPSP की भूमिका की सराहना की, “यह परिषद गोरखपुर को एजुकेशन हब बनाने में अग्रणी है।
संस्थापकों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए हम ज्ञान नगरी का विस्तार करेंगे।
” कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए
, जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन पर जोर दिया।
संस्थापक सप्ताह की झलक: प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक आयोजनों का रोचक मेल
समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा:
- वाद-विवाद और क्विज: विकसित भारत, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों पर।
- खेलकूद: एथलेटिक्स, वॉलीबॉल और बैडमिंटन में राज्य स्तरीय मुकाबले।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: लोक नृत्य, नाटक और संगीत के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन।
- सामाजिक जागरूकता: महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ भारत और ड्रग्स मुक्त समाज पर सेमिनार।
परिषद के महासचिव ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि निकट है, और हजारों विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
समापन 10 दिसंबर को सीएम योगी ही करेंगे।