ऑपरेशन सिंदूर
नई दिल्ली, 2 दिसंबर 2025: भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने सोमवार को घोषणा की कि अरब सागर के उत्तरी हिस्से में INS विक्रांत एयरक्राफ्ट कैरियर समेत बैटल स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती जारी है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी सक्रिय मोड में चल रहा है। इस बयान ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है, क्योंकि इससे उनकी नौसेना कराची और ग्वादर बंदरगाहों में कैद हो गई है या मकरान तट के पास सिमट गई है। मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई अब 7 महीने से अधिक समय से चल रही है, जो भारत की समुद्री वर्चस्व की मिसाल है।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। हमारे आक्रामक तैनाती ने पाकिस्तानी नौसेना को उनके बंदरगाहों में छिपने या मकरान तट के पास रहने पर मजबूर कर दिया है।” इस तैनाती से पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि उनकी नौसेना खुले समुद्र में नहीं निकल पा रही। नौसेना प्रमुख ने इसकी गोपनीयता पर जोर देते हुए कहा कि उच्च तीव्रता वाली गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन विवरण साझा नहीं किया जा सकता। यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए चेतावनी है, बल्कि भारत की समुद्री सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड: पहलगाम हमले से शुरू हुई कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई, जिसमें कई निर्दोषों की जान गई थी। भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परिणाम माना और तत्काल कूटनीतिक व सैन्य कदम उठाए। नौसेना ने अरब सागर में बैटल स्ट्राइक ग्रुप तैनात कर पाकिस्तानी नौसेना पर दबाव बनाया। INS विक्रांत के नेतृत्व में यह ग्रुप न केवल रक्षात्मक है, बल्कि आक्रामक रुख अपनाए हुए है। त्रिपाठी ने बताया कि इससे पाकिस्तानी जहाजों की गतिविधियां सीमित हो गईं, जो भारत की रणनीतिक सफलता है।
नौसेना की ताकत: पिछले एक साल के आंकड़े जो चकित करेंगे
नौसेना प्रमुख ने पिछले 12 महीनों के उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना विश्व की सबसे सतर्क, शक्तिशाली और मानवीय ताकतों में शुमार है। प्रमुख आंकड़े:
- 50,000 उड़ान घंटे पूरे।
- 52 समुद्री डाकुओं को पकड़ा।
- समुद्र में 520 जानें बचाईं।
- 11,000 जहाज-दिन समुद्री अभियानों में बिताए।
- 43,300 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त।
- 40 जहाज एंटी-पाइरेसी मिशन पर तैनात।
- 138 जहाज विभिन्न मिशनों पर।
- 138 युद्धपोतों ने 7,800 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया।
- 2008 से एडेन की खाड़ी में एक जहाज की निरंतर उपस्थिति।
- हूती हमलों के बीच रेड सी में 40 प्रमुख युद्धपोत तैनात, 5.6 बिलियन डॉलर के कार्गो की रक्षा।
- ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को 12 टन राहत सामग्री INS विक्रांत और INS उदयगिरि से, जबकि INS सुकन्या ने 10-12 टन पहुंचाया।
इन आंकड़ों से साफ है कि नौसेना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता भी दे रही। सोमाली डाकुओं के खिलाफ अभियान और रेड सी में हूती खतरों का मुकाबला इसके उदाहरण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन: INS विक्रांत पर रात्रि प्रवास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में नौसेना की सराहना की। एडमिरल त्रिपाठी ने धन्यवाद देते हुए बताया
कि दिवाली के दौरान मोदी ने INS विक्रांत पर रात्रि बिताई और नौसेना की बहुआयामी क्षमताओं का निरीक्षण किया।
यह राजनीतिक समर्थन नौसेना के मनोबल को बढ़ाता है।
नौसेना का आधुनिकीकरण: नया जहाज और नेवी डे
पिछले नेवी डे के बाद नौसेना ने एक नई पनडुब्बी और 12 युद्धपोत शामिल किए, जिससे बेड़ा
100 जहाजों तक पहुंच गया।
नवीनतम INS उदयगिरि है।
इस साल 4 दिसंबर को नेवी डे केरल के तिरुवनंतपुरम में धूमधाम से मनाया जाएगा।