यूपी में BLO मौतों
यूपी में BLO मौतों से शिक्षक संगठनों में आक्रोश: सुसाइड वीडियो वायरल, एक करोड़ मुआवजे की मांग, 10 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी
मुरादाबाद में सुसाइड और वायरल वीडियो
मुरादाबाद के एक सरकारी स्कूल में तैनात BLO सर्वेश सिंह की मौत हाल ही में सुसाइड के रूप में सामने आई। उन्होंने सुसाइड नोट में अपने छात्रों के प्रति गहरा प्यार जताया: “मुझे माफ करना मेरे विद्यालय के प्यारे बच्चों। बहुत बहुत प्यार। मन लगाकर पढ़ाई करना मेरे बच्चों, दिल बहुत दुख रहा है। लिखते हुए मन नहीं मान रहा है। कुछ समय से आपको (बच्चों को) शिक्षण कार्य नहीं करा पाया।” नोट से साफ झलकता है कि SIR अभियान के दबाव ने उन्हें तोड़ दिया था।
मौत से ठीक पहले सर्वेश ने अपना एक 2 मिनट 40 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो उनके मोबाइल से बरामद हुआ। वीडियो में फूट-फूटकर रोते हुए वे कहते हैं: “मेरी मम्मी मेरे बाद मेरे बच्चों का ख्याल रखना। मुझसे नहीं हो पा रहा है। मेरी पत्नी बबली मुझे माफ कर देना। मैं तुम्हारी दुनिया से दूर जा रहा हूं। मेरी दीदी मेरे बच्चों का ख्याल रखना।” वीडियो में उन्होंने चार बेटियों का जिक्र किया और SIR कार्य की वजह से हो रही परेशानी को जिम्मेदार ठहराया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे हजारों शिक्षकों में आक्रोश फैल गया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि सर्वेश पहली बार BLO बने थे और लक्ष्य पूरा न होने पर वेतन रोकने की धमकी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया: दबाव का आरोप
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने राज्यव्यापी निंदा की। उन्होंने कहा, “विभिन्न जिलों से शिक्षकों के फोन आ रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी BLOs पर लक्ष्य पूरा करने का अनुचित दबाव डाल रहे हैं। तकनीकी खराबी या सामाजिक सहयोग न मिलने पर वेतन रोकने की धमकी दी जाती है। कुछ BLO पहली बार नियुक्त हैं, जो इस दबाव में टूट रहे हैं।” संगठन का आरोप है कि SIR अभियान के नाम पर शिक्षकों को उनके मूल कार्य से दूर किया जा रहा है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पांडेय ने बताया कि हाल के महीनों में कई जिलों में BLO शिक्षकों की मौतें दर्ज की गई हैं,
जिनमें आत्महत्या और हार्ट अटैक शामिल हैं। संगठन ने इसे “प्रशासनिक लापरवाही” करार दिया
और चुनाव आयोग से संविदा कर्मियों की नियुक्ति की मांग दोहराई, क्योंकि निर्वाचन कार्य साल भर चलता है।
मांगें और आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट मांगें रखी हैं:
- BLO मौतों के शिकार शिक्षकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा।
- एक परिजन को सरकारी नौकरी।
- माता-पिता को चिकित्सीय बीमा कवरेज।
- प्रभावित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और छात्रवृत्ति।
सुशील पांडेय ने चेतावनी दी: “शासन यदि शिक्षकों को तत्काल BLO कार्य से मुक्त नहीं करता,
तो 10 दिसंबर से शुरू होने वाली परिषदीय विद्यालयों की अर्धवार्षिक परीक्षाओं
और बच्चों के निपुण आकलन के दौरान आंदोलन होगा।
शासन-प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी तय होगी।” संगठन ने जिलास्तरीय बैठकें बुलाई हैं
और सोशल मीडिया कैंपेन #SaveTeachersFromBLODuty शुरू किया है।