बस-ट्रक भिड़ंत
बलरामपुर (उत्तर प्रदेश), 2 दिसंबर 2025: देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। उतरौला से गोंडा जा रही रोडवेज बस और विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और ट्रक सड़क किनारे खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
हादसा कैसे हुआ?
सुबह करीब 7:30 बजे उतरौला-पचपेड़वा मार्ग पर ग्राम पंचायत विशुनपुर विश्रामपुर के पास यह हादसा हुआ। रोडवेज बस (UP-42 AT 9876) गोंडा डिपो की थी, जिसमें करीब 50-55 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस चालक एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रहा सीमेंट लदा ट्रक (UP-45 T 3210) तेज रफ्तार में आ गया। दोनों वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर के बाद बस सड़क पर कई मीटर घसीटती चली गई और ट्रक पलटकर खाई में जा गिरा।
मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने पहले मानव श्रृंखला बनाई, फिर पुलिस और दमकल की मदद से रेस्क्यू किया गया। तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। उनकी शिनाख्त अभी चल रही है।
मृतक और घायलों की स्थिति
पुलिस के अनुसार मृतकों में उतरौला क्षेत्र की रामवती (55 वर्ष), गोंडा की सुशीला देवी (48 वर्ष) और एक अज्ञात पुरुष (लगभग 40 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है। बाकी का इलाज बलरामपुर जिला अस्पताल और उतरौला CHC में चल रहा है।
घायलों में प्रमुख नाम:
- राकेश कुमार (32), उतरौला
- संगीता (28), गोंडा
- अजय यादव (35), बलरामपुर
- बच्चे समेत कई महिलाएं
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही एसपी बलरामपुर राजेश कुमार, डीएम आर्या सिंह और एसडीएम उतरौला मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के लिए 3 एंबुलेंस और क्रेन मंगाई गई। डीएम ने सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाने और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सड़क हादसों का काला साया
बलरामपुर-गोंडा मार्ग पिछले कुछ सालों में हादसों का गढ़ बनता जा रहा है।
संकरी सड़क, अनियंत्रित ओवरटेकिंग और ट्रकों की तेज रफ्तार इसका मुख्य कारण है।
पिछले 6 महीनों में ही इस मार्ग पर 8 बड़े हादसे हो चुके हैं
, जिसमें 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय लोगों ने लंबे समय से हाईवे चौड़ीकरण और स्पीड ब्रेकर की मांग की है,