धुरियापार टाउनशिप: आकार, निवेश और बड़े खिलाड़ी
यह औद्योगिक टाउनशिप कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं है। कुल 6876 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही यह नगरी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें, बिजली और पानी की सुविधाओं से लैस होगी। GIDA के सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि अब तक दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित की जा चुकी है, जबकि तीसरा निवेशक अपनी पसंद की प्लॉट चुन चुका है। सबसे बड़ा नाम है अदानी ग्रुप का, जिसकी सहायक कंपनी अंबुजा सीमेंट को 46.63 एकड़ जमीन मिली है। इसी तरह श्रेयश डिस्टलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ का आवंटन हुआ है।
रिलायंस ग्रुप भी पीछे नहीं है। उन्होंने लगभग 50 एकड़ जमीन पर कम्पा कोला कोल्ड ड्रिंक यूनिट लगाने का चयन किया है। इन सभी प्रोजेक्ट्स में कुल 4200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि पूरे पूर्वांचल को औद्योगिक पटरी पर ला देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश चरणबद्ध तरीके से होगा, जिससे पहले चरण में ही सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हो जाएंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली-लखनऊ से कनेक्टिविटी इतनी मजबूत हो गई है कि रॉ मटेरियल और तैयार माल का परिवहन आसान हो जाएगा।
रोजगार के अवसर: युवाओं के लिए सुनहरा मौका
इस टाउनशिप का सबसे बड़ा फायदा होगा रोजगार सृजन। अनुमान है कि यहां 6500 सीधी नौकरियाँ पैदा होंगी, जिनमें इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के पद शामिल होंगे। गोरखपुर जैसे शहर में जहां बेरोजगारी एक बड़ी समस्या रही है, वहां यह प्रोजेक्ट वरदान साबित होगा। स्थानीय युवा अब दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन करने के बजाय घर के पास ही अच्छी नौकरी पा सकेंगे। GIDA अधिकारियों के अनुसार, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स भी चलाए जाएंगे ताकि ग्रामीण युवक-युवतियां इन उद्योगों के लिए तैयार हो सकें।
महिलाओं के लिए भी विशेष अवसर होंगे। अंबुजा सीमेंट जैसे प्लांट्स में पैकेजिंग और क्वालिटी कंट्रोल जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सप्लाई चेन और लोकल वेंडर्स को बढ़ावा देकर छोटे व्यवसायों को भी उछाल मिलेगा। कुल मिलाकर, यह टाउनशिप गोरखपुर की जीडीपी में 20-25% की वृद्धि कर सकती है।
ODOP प्रोडक्ट्स के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर: वैश्विक बाजार की दिशा में कदम
औद्योगिक टाउनशिप के साथ-साथ गोरखपुर में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) स्कीम को भी मजबूत करने की योजना है। जैनपुर में 3.91 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) स्थापित किया जा रहा है। इसका शिलान्यास आज, 29 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। मार्च 2026 तक यह सेंटर चालू हो जाएगा।
यह CFC मुख्य रूप से पैकेजिंग, क्वालिटी टेस्टिंग और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा।
कुशीनगर के टेराकोटा, ब्लैक साल्ट और बनाना फाइबर प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता मिलेगी।
उद्योग निदेशक संगीता पांडे ने बताया कि शुरुआत टेराकोटा से होगी
, लेकिन धीरे-धीरे पूरे यूपी के ODOP प्रोडक्ट्स को कवर किया जाएगा। इससे उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग और पैकेजिंग मिलेगी,
जिससे वे ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे।
सहायक उद्योग विकास अधिकारी रोशन अंबेडकर ने पुष्टि की कि CFC खुट्टान (महराजगंज रोड के पास) में बनेगा
, जो ODOP को ग्लोबल लेवल पर ले जाएगा।
सरकार की पहल और भविष्य की योजनाएँ
यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘उत्तर प्रदेश नई औद्योगिक नीति’ का हिस्सा है,
जो पिछड़े क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करती है। GIDA जैसी संस्थाओं को सशक्त बनाकर जमीन अधिग्रहण
से लेकर मंजूरी तक की प्रक्रिया को आसान किया गया है।
भविष्य में इस टाउनशिप को स्मार्ट सिटी फीचर्स से लैस करने की योजना है,
