राजस्थान एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव: 42 यात्रियों से भरी बस का खौफनाक टकराव
राजस्थान के कोटा जिले में शुक्रवार सुबह (28 नवंबर 2025) एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के लिए काल बन गया। दिल्ली से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस अचानक अज्ञात वाहन से जोरदार टकरा गई, जिसमें बस के दोनों ड्राइवरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस में कुल 42 यात्री सवार थे, जो सुबह के समय सो रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और एक ड्राइवर का शव सीट में फंस गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया।
यह हादसा कोटा के कैथून थाना क्षेत्र के अरंडखेड़ा के पास 8-लेन वाली पाड़िया पर हुआ। सुबह करीब 5 बजे की घटना में यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार मचने लगी, और लोग किसी तरह बस से बाहर निकले। आंखों देखा हाल बताता है कि बस चालक झपकी आने के कारण आगे चल रहे ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में लापरवाही बरत रहा था। अज्ञात वाहन, जो संभवतः ट्रक था, से टकराव होते ही बस सड़क किनारे फिसल गई। कोटा पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना ओवरटेकिंग के दौरान ही हुई लगती है।
हादसे का पूरा ब्यौरा: ड्राइवरों की मौत ने तोड़ा सबका दिल
स्लीपर बस, जो राजस्थान रोडवेज या प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी की थी, दिल्ली से रवाना होकर इंदौर की ओर जा रही थी। यात्रियों में ज्यादातर परिवार और युवा थे, जो छुट्टियों या काम के सिलसिले में सफर कर रहे थे। टक्कर के बाद बस का अगला हिस्सा चूर-चूर हो गया। पहला ड्राइवर मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे ड्राइवर का शव बस की ड्राइवर सीट में फंस गया। रेस्क्यू टीम को शव निकालने में करीब एक घंटा लग गया। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। अस्पताल पहुंचने पर 12 घायलों को ICU में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि कईयों को सिर और छाती में चोटें आई हैं, और कुछ की सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर FIR दर्ज की है। अज्ञात वाहन के फरार होने से केस को हिट-एंड-रन मानकर जांच तेज कर दी गई है। CCTV फुटेज और आसपास के वाहनों के डैशकैम चेक किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार को मुख्य कारण बताया जा रहा है। यात्रियों ने बताया कि बस की स्पीड 100 किमी/घंटा से ज्यादा थी, और ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाया।
यात्रियों की आपबीती: नींद से जागते ही मौत का साया
एक यात्री ने बताया, “हम सब सो रहे थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ, बस घूमने लगी। चीखें गूंजने लगीं। मैंने खिड़की तोड़कर बाहर कूद लिया।” एक महिला यात्री ने रोते हुए कहा, “बच्चे डर गए थे। ड्राइवर साहब का खून बहता देख सब सदमे में थे।” हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब 2 घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। राहगीरों और अन्य वाहनों ने घायलों की मदद की, लेकिन एम्बुलेंस आने में देरी हुई।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: जांच तेज, सुरक्षा उपायों पर जोर
कोटा SP ने कहा, “हम अज्ञात वाहन की पहचान के लिए सर्विलांस टीम तैनात कर चुके हैं।
ड्राइवर की रिपोर्ट में नशे या थकान की जांच होगी
।” NHAI अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट चेक करने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाने का ऐलान किया।
राजस्थान सरकार ने मृतकों के परिवार को 5 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता
राशि देने की घोषणा की।
यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों की कड़ी में जुड़ गया,
जहां पिछले एक साल में 50 से ज्यादा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
सबक और सावधानियां: एक्सप्रेसवे पर सतर्कता बरतें
यह हादसा सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है
कि लंबी दूरी की बसों में ड्राइवरों के लिए
रेस्ट पीरियड अनिवार्य हो। यात्रियों को भी सीटबेल्ट बांधना और स्पीड चेक करना चाहिए
। NHAI को साइन बोर्ड और कैमरा बढ़ाने की जरूरत है।
आइए, हम सब मिलकर सड़कों को सुरक्षित बनाएं,