500 साल का इंतजार खत्म: पीएम मोदी ने उदयपुर श्री कृष्ण मठ में टेका माथा, रचा इतिहास
कर्नाटक के उदयपुर में 28 नवंबर 2025 को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री कृष्ण मठ में पूरे विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया – यह 500 साल में पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस प्राचीन मठ में प्रवेश कर पूजा की। मठ के पर्याया स्वामी सुगुनेंद्र तीर्थ स्वामीजी ने स्वयं पीएम का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने “मोदी-मोदी” और “जय श्री कृष्ण” के नारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्री कृष्ण मठ की स्थापना 13वीं शताब्दी में मध्वाचार्य के शिष्य श्री माधव तीर्थ ने की थी। कहा जाता है कि 16वीं शताब्दी में पुर्तगालियों के हमले से बचाने के लिए बालक कृष्ण की मूर्ति को गोवा से समुद्र मार्ग से उदयपुर लाया गया था। तब से यह मठ अष्ट मठों में से एक प्रमुख केंद्र है। 500 साल पहले कोई प्रधानमंत्री यहां नहीं आया था। पीएम मोदी ने इसे “भारत की सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक” बताया।
पीएम का पूरा कार्यक्रम: भक्ति, पर्यावरण और संस्कृति का त्रिवेणी संगम
सुबह 10:30 बजे जैसे ही पीएम मोदी मंदिर परिसर में पहुंचे, स्वामी सुगुनेंद्र तीर्थ ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। पीएम ने सबसे पहले राजांगण में बने विशाल रथ को देखा, फिर स्वामीजी के साथ पैदल चलकर श्री कृष्ण दर्शन किए। मंदिर के अंदर पूजा-अर्चना के बाद स्वामीजी ने पीएम को फूलमाला, शॉल और प्रसाद भेंट किया। इसके बाद पीएम ने मठ के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे श्री कृष्ण मठ के दर्शन का अवसर मिला। यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। यहां का अन्नदान, गोशाला, वृक्षारोपण और जल संरक्षण का कार्य दुनिया को दिशा दिखा रहा है।”
उन्होंने मठ द्वारा चलाए जा रहे “वृक्ष मित्र” अभियान की तारीफ की, जिसमें हर श्रद्धालु एक पेड़ लगाता है। पीएम ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण हमारी परंपरा है। उदयपुर मठ इसका जीता-जागता प्रमाण है।”
स्वामी सुगुनेंद्र तीर्थ ने दिया खास संदेश
पर्याया स्वामी ने पीएम को आशीर्वाद देते हुए कहा, “आप देश को एकजुट कर रहे हैं। आपकी ऊर्जा और समर्पण से भारत विश्व गुरु बनेगा। हम आपके साथ हैं।” उन्होंने पीएम को मठ की ओर से एक सोने का मुकुट और श्री कृष्ण की प्रतिमा भेंट की।
कर्नाटक में पीएम का दो दिवसीय दौरा: विकास और संस्कृति का मिश्रण
पीएम मोदी 27-28 नवंबर को कर्नाटक के दौरे पर थे। पहले दिन उन्होंने बेंगलुरु में कई परियोजनाओं का उद्घाटन
किया, फिर 28 नवंबर को सुबह उदयपुर पहुंचे।
दोपहर में वे मंगलुरु में एक जनसभा को संबोधित करेंगे और शाम को दिल्ली लौटेंगे।
इस दौरे में विकास और संस्कृति दोनों को जोड़ने की कोशिश साफ दिखी।
क्यों है उदयपुर श्री कृष्ण मठ इतना खास?
- 800 साल पुरानी परंपरा – कभी दीप नहीं बुझता
- रोजाना 10,000 से ज्यादा लोगों को मुफ्त अन्नदान
- 500 गायों की गोशाला, जैविक खेती
- देश का सबसे बड़ा स्वर्ण रथ
- पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी – लाखों पेड़ लगाए
- शिक्षा और स्वास्थ्य में मुफ्त सेवाएं
राजनीतिक संदेश भी साफ
कर्नाटक में 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
दक्षिण कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में भाजपा को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा यह यात्रा थी।
लिंगायत, ब्राह्मण और मध्व समुदाय में पीएम की लोकप्रियता पहले से ही है, इस दौरे से इसे और बल मिलेगा।