व्हाइट हाउस के पास खौफनाक हमला: थैंक्सगिविंग पर ड्यूटी करने वाली सैनिक की चली गई जान
अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। बुधवार को फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के निकट एक अफगान शरणार्थी ने नेशनल गार्ड की दो महिला सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसमें 20 साल की सारा बेकस्ट्रॉम की जान चली गई। दूसरी सैनिक एंड्रयू वॉल्फ की हालत गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की और इसे “दुखद हादसा” करार दिया। हमलावर को तीसरे गार्ड ने मौके पर ही गोली मारकर ढेर कर दिया। यह घटना थैंक्सगिविंग के मौके पर हुई, जब दोनों सैनिक स्वेच्छा से ड्यूटी पर थीं ताकि अन्य साथी परिवार के साथ समय बिता सकें।
यह हमला अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। FBI ने इसे संभावित आतंकी घटना मानकर जांच शुरू कर दी है। ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की इमिग्रेशन नीतियों पर तीखा प्रहार किया, दावा करते हुए कि हमलावर उनके कार्यकाल में अमेरिका आया था। घटना ने अफगान शरणार्थियों की अमेरिकी बसावट नीतियों पर बहस छेड़ दी है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
पीड़ित सैनिकों की बहादुरी: थैंक्सगिविंग पर परिवारों के लिए कुर्बान हुईं सारा और एंड्रयू
सारा बेकस्ट्रॉम, मात्र 20 वर्ष की युवा सैनिक, वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड की मिलिट्री पुलिस यूनिट का हिस्सा थीं। जून 2023 में सेवा में शामिल हुईं और अगस्त 2025 में व्हाइट हाउस सुरक्षा मिशन पर तैनात की गईं। ट्रम्प ने उन्हें “प्रतिभाशाली और समर्पित” बताते हुए श्रद्धांजलि दी: “सारा अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके माता-पिता का दर्द असहनीय है।” सारा का परिवार वेस्ट वर्जीनिया में रहता है, और उनकी मौत की खबर सुनकर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
एंड्रयू वॉल्फ, जो फरवरी 2019 से एयर नेशनल गार्ड में सेवा दे रहे थे, को हमले में कई गोलियां लगीं। उन्हें उनकी बहादुरी के लिए कई मेडल मिल चुके हैं। यूएस अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने बताया कि दोनों सैनिक थैंक्सगिविंग के दिन अपनी मर्जी से ड्यूटी पर आईं, ताकि अन्य गार्ड्स को छुट्टी मिल सके। वर्तमान में एंड्रयू का इलाज वॉशिंगटन के एक प्रमुख अस्पताल में चल रहा है, और डॉक्टरों ने उनकी हालत को “सीरियस लेकिन स्थिर” बताया है। तीसरे गार्ड, जिन्होंने हमलावर पर चार राउंड फायर किए, को भी सम्मानित करने की बात चल रही है।
हमलावर की पहचान: अफगान सेना का पूर्व सैनिक, अमेरिका में शरणार्थी जीवन
29 वर्षीय रहमानुल्लाह लाकनवाल, मूल रूप से अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत का निवासी, हमले का मुख्य आरोपी है। वह अगस्त 2021 में ऑपरेशन एलाइज वेलकम प्रोग्राम के तहत अमेरिका आया था। अप्रैल 2025 में उसे शरणार्थी का दर्जा मिला। लाकनवाल ने अफगान सेना में 10 वर्ष सेवा की, जहां वह कंधार बेस पर अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के साथ ऑपरेशन में शामिल रहा। अमेरिका आने के बाद वह वॉशिंगटन के बेलिंगहैम शहर में पत्नी और पांच बच्चों के साथ बस गया था।
हमले के समय लाकनवाल अकेला था और उसके पास एक हैंडगन था। उसने सारा को सीने और सिर में गोली मारी, जबकि एंड्रयू पर भी फायरिंग की। मकसद स्पष्ट नहीं है, लेकिन FBI इसे “लोन वुल्फ अटैक” मान रही है।
ट्रम्प ने कहा, “यह बाइडेन की खुली सीमाओं का नतीजा है।
” इसके जवाब में यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने अफगान नागरिकों की इमिग्रेशन प्रक्रिया को
अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया, ताकि सुरक्षा जांच मजबूत हो सके।
घटना की टाइमलाइन: बुधवार दोपहर का खौफनाक मंजर
- बुधवार दोपहर 2:30 बजे: फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास नेशनल गार्ड की तीन सदस्यीय टीम ड्यूटी पर थी।
- अचानक लाकनवाल ने गोलीबारी शुरू की।
- 2:32 बजे: सारा को सीने और सिर में दो गोलियां लगीं, एंड्रयू पर भी फायर।
- तीसरा गार्ड ने जवाबी कार्रवाई की।
- 2:35 बजे: हमलावर को मौके पर ही गोली मारकर घायल कर दिया गया। इलाके को सील कर दिया गया।
- बुधवार शाम: ट्रम्प को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान खबर मिली। सारा और एंड्रयू को अस्पताल पहुंचाया गया।
- गुरुवार सुबह: सारा की मौत की पुष्टि। एंड्रयू की सर्जरी जारी। FBI ने जांच टीम गठित की।
जांच और राजनीतिक तहलका: आतंकी लिंक की आशंका
FBI और लोकल पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। एनबीसी न्यूज और वॉशिंगटन पोस्ट के
अनुसार, लाकनवाल के फोन और लैपटॉप से आतंकी संगठनों से लिंक मिलने की संभावना है।
ट्रम्प ने इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला” बताते हुए बाइडेन प्रशासन की
आलोचना की, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे व्यक्तिगत घटना करार दिया।
बॉन्डी ने सैनिकों की बहादुरी की तारीफ की: “वे परिवारों के लिए त्याग कर रही थीं।”