उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ब्रिटिश मूल के एक मौलाना के घर में अवैध गर्ल्स हॉस्टल चल रहा था। यहां नाबालिग लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कर निकाह कराए जा रहे थे, जो POCSO एक्ट और बाल विवाह निषेध कानून का खुला उल्लंघन है। 26 नवंबर 2025 को पुलिस ने छापा मारा, 5 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया और मौलाना समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लड़कियां मुख्य रूप से बिहार और झारखंड से तस्करी कर लाई गई थीं। सहारनपुर SSP ने इसे ‘लव जिहाद और मानव तस्करी का संगठित गिरोह’ बताया। आइए जानते हैं इस अवैध हॉस्टल की पूरी कहानी – कैसे नियमों को दरकिनार कर नाबालिगों का शोषण हो रहा था, पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच। यह घटना UP में बाल सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ी कर रही है।
अवैध गर्ल्स हॉस्टल का खुलासा: ब्रिटिश मौलाना का ‘धर्मांतरण सेंटर’
सहारनपुर के देवबंद इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय मौलाना अब्दुल्लाह (ब्रिटेन में जन्मा, 2015 में भारत आया) के घर को अवैध गर्ल्स हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि यह हॉस्टल बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था, जहां 15-20 नाबालिग लड़कियां रखी जाती थीं। लड़कियों को ‘नौकरी’ या ‘शिक्षा’ के बहाने बिहार, झारखंड और नेपाल से लाया जाता था। मौलाना और उसके साथी उन्हें बहला-फुसला कर इस्लाम कन्वर्ट करते, फिर जबरन निकाह करा देते।
एक रेस्क्यू लड़की (16 वर्षीय, बिहार की) ने पुलिस को बताया, “मुझे दिल्ली में नौकरी का लालच दिया गया। यहां लाकर मौलाना ने कहा कि निकाह कर देंगे, वरना मार देंगे।” हॉस्टल में कुरान की क्लासेस के नाम पर ब्रेनवॉशिंग होती थी, और मोबाइल फोन छीन लिए जाते थे। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना ब्रिटेन से फंडिंग लेता था, जो ‘मुस्लिम चैरिटी’ के नाम पर आता था। पुलिस ने हॉस्टल से निकाह के फर्जी दस्तावेज, कुरान कॉपीज और लड़कियों के आधार कार्ड बरामद किए।
पुलिस छापा: 5 नाबालिग रेस्क्यू, मौलाना और साथी अरेस्ट
26 नवंबर 2025 को रात 11 बजे, चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन पर एक टिप मिलने के बाद सहारनपुर पुलिस ने छापा मारा। मौके पर मौलाना अब्दुल्लाह, उसका सहयोगी इमरान (झारखंड का तस्कर) और एक महिला संचालिका फरहत को पकड़ा गया। 5 नाबालिग लड़कियां (उम्र 14-17 साल) रेस्क्यू की गईं, जिन्हें NARI निकेतन भेज दिया गया। SSP विनीत भटनागर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह अंतरराज्यीय तस्करी का नेटवर्क है। मौलाना ब्रिटेन से ऑनलाइन निर्देश देता था। हम और गिरफ्तारियां करेंगे।”
रेस्क्यू लड़कियों की मेडिकल जांच में शारीरिक शोषण के सबूत मिले। एक लड़की का निकाह तय था,
लेकिन पुलिस पहुंचने से पहले ही भागने की कोशिश हुई। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया
कि हॉस्टल में CCTV कैमरे लगे थे, जो सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल होते थे।
POCSO एक्ट, बाल विवाह निषेध कानून और IT Act के तहत केस दर्ज किया गया।
लव जिहाद या तस्करी? राज्य स्तर पर बढ़ते मामले
यह मामला UP में लव जिहाद और नाबालिग तस्करी के बढ़ते मामलों की कड़ी है।
2025 में ही बांदा में एक मुस्लिम युवक ने हिंदू नाबालिग का कन्वर्जन कर पाकिस्तान भेजने की कोशिश की थी।
औरैया में भी मौलाना ने नाबालिग का निकाह कराने की कोशिश की, जो पुलिस ने रोक दिया।
विशेषज्ञों का कहना है
कि ब्रिटिश मौलाना जैसे विदेशी तत्व सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क चला रहे हैं।