अलवर, 25 नवंबर 2025: राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। सुबह करीब 6 बजे पिनान इंटरचेंज पुलिया पर अहमदाबाद से दिल्ली जा रही एक बस ने पुलिया पर खड़े ट्रक से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रक में घुस गया, जिससे वाहनों का चकनाचूर हो जाना लाजमी था। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे अलवर हादसा की इस घटना में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 31 यात्री घायल हो गए। यह हादसा न केवल यात्रियों की जिंदगियों पर भारी पड़ा, बल्कि पूरे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम का कारण भी बना। स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की त्वरित मदद से स्थिति पर काबू पाया गया, लेकिन यह घटना सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।
हादसे का विवरण: कैसे हुई भयानक टक्कर?
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे अलवर हादसा सुबह के धुंधले समय में हुआ, जब अहमदाबाद से दिल्ली के लिए रवाना हुई बस (रविवार दोपहर 2:30 बजे स्टार्ट) पिनान इंटरचेंज पुलिया पर पहुंची। यहां पुलिया पर खड़ा ट्रक अचानक बस के रास्ते में आ गया। चालक की तरफ से कोई चेतावनी न मिलने पर बस की स्पीड कम न हो सकी, और सीधी टक्कर हो गई। बस का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे दब गया, जबकि ट्रक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण सहम उठे।
मौके पर चीख-पुकार मच गई। एक यात्री ने तुरंत दम तोड़ दिया, जबकि रोशन पुत्र रामेश्वर (उम्र अज्ञात) ने अस्पताल पहुंचने के बाद अंतिम सांस ली। बाकी 31 यात्री खून से लथपथ थे – कुछ के सिर फटे, तो कुछ की हड्डियां टूट गईं। बस में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे, जिनकी हालत देखकर डॉक्टरों ने तुरंत गंभीर घायलों को अलवर और जयपुर के अस्पतालों में रेफर कर दिया। पिनान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुरुआती इलाज हुआ, लेकिन एंबुलेंस की कमी से घायलों को निजी वाहनों से ले जाना पड़ा। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था – बस के मलबे से घायलों को निकालना आसान न था।
कारण और जांच: सड़क सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे अलवर हादसा के मुख्य कारण के रूप में ट्रक का पुलिया पर अवैध रुकना बताया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों को रुकने की मनाही है, फिर भी ट्रक चालक ने ऐसा किया। धुंध का असर भी हो सकता है, लेकिन आधिकारिक बयान में मौसम को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। राजगढ़ थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और चालकों से पूछताछ शुरू कर दी। ट्रैफिक पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट और साइनेज चेक करने का आदेश दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और रुकावटें हादसों को न्योता दे रही हैं। पिछले साल इसी रूट पर 15 से ज्यादा बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसमें 50 से अधिक मौतें हुईं।
बचाव कार्य और ट्रैफिक प्रभाव: ग्रामीणों की बहादुरी
हादसे की सूचना मिलते ही राजगढ़ थाना पुलिस और स्थानीय ग्रामीण दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने बस के मलबे से घायलों को खींचकर बाहर निकाला,
जबकि पुलिस ने क्रेन बुलाकर वाहनों को हटाया।
एंबुलेंस की कमी के बावजूद, 20 मिनट में सभी घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया।
अलवर जिला कलेक्टर ने कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों का इलाज है।
जांच पूरी होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे अलवर हादसा
से एक्सप्रेसवे पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
दिल्ली-जयपुर और मुंबई-अहमदाबाद रूट प्रभावित हुए, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए।
दोपहर तक ट्रैफिक सामान्य हुआ, लेकिन यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।