हादसा कैसे हुआ: पूरी घटना विस्तार से
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। गुजरात के भरूच जिले से चारधाम यात्रा पर निकले 29 तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक लग्जरी बस (नंबर GJ-16-BZ-7865) ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाइवे पर टिहरी के पास किरनखाल के समीप अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसा रात करीब 11:45 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्राइवर को झपकी आई या तेज मोड़ पर बस का बैलेंस बिगड़ा, जिससे बस सड़क से फिसलकर नीचे जा गिरी। बस में सवार ज्यादातर यात्री 50-70 साल के बुजुर्ग थे, जो केदारनाथ-बद्रीनाथ दर्शन कर लौट रहे थे।
मृतक और घायलों की स्थिति
हादसे में अब तक 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
- शांताबेन परमार (उम्र 65, भरूच)
- रमेशभाई ठाकोर (उम्र 68)
- कांताबेन पटेल (उम्र 62)
- हीराबेन चौहान (उम्र 70)
- एक व्यक्ति की शिनाख्त अभी बाकी
7 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें से 3 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। सभी घायलों को AIIMS ऋषिकेश और टिहरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी 17 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: SDRF और स्थानीय लोगों की बहादुरी
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टिहरी और देहरादून टीम, NDRF की 13वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। खाई की गहराई और अंधेरा होने के बावजूद रेस्क्यू टीम ने रात भर ऑपरेशन चलाया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाला और रस्सियों की मदद से कई यात्रियों को ऊपर निकाला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत हाई अलर्ट जारी किया और घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गुजरात सरकार ने भी अपने अधिकारियों को उत्तराखंड भेजा है।
बार-बार हो रहे हादसे, सवाल उठ रहे
यह इस साल उत्तराखंड में चारधाम यात्रियों की बस का चौथा बड़ा हादसा है।
पिछले 6 महीनों में ही 20 से ज्यादा तीर्थयात्री सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- पहाड़ी रास्तों पर ओवरलोड बसें चलाई जा रही हैं
- कई ड्राइवरों के पास हिल ड्राइविंग का अनुभव नहीं होता
- रात में यात्रा पर कोई सख्ती नहीं है
- सड़कों की हालत अभी भी कई जगह खराब है
यात्रियों का कहना है कि टूर ऑपरेटर सस्ती बसें देकर मुनाफा कमा रहे हैं,
जबकि सुरक्षा से समझौता हो रहा है।
प्रशासन का ऐलान
- मृतकों के परिजनों को उत्तराखंड सरकार की ओर से 5 लाख और गुजरात सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता
- घायलों का पूरा इलाज मुफ्त
- हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
