गोरखपुर। जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए अब रात के अंधेरे में भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा! गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में सोमवार से 24×7 इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर (OT) की सुविधा शुरू हो गई है। इसका मतलब है कि रात 12 बजे के बाद भी अगर किसी गर्भवती महिला को सीजेरियन की जरूरत पड़ी तो तुरंत ऑपरेशन होगा – पहले यह सुविधा सिर्फ दिन में ही उपलब्ध थी।
पहले क्या होता था?
पहले रात 8 बजे के बाद अगर किसी महिला को सीजेरियन की जरूरत पड़ती थी तो मामला BRD मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता था। रात में एम्बुलेंस की भागदौड़, ट्रैफिक और दूर जाने का खतरा – कई बार जच्चा या बच्चा की जान जोखिम में पड़ जाती थी। अब यह परेशानी हमेशा के लिए खत्म!
नई व्यवस्था में क्या-क्या है?
- दो हाई-टेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर 24×7 चालू
- अलग से 4 डॉक्टरों की नाइट ड्यूटी टीम (दो गायनिकॉलॉजिस्ट + दो एनेस्थेटिस्ट)
- 6 स्टाफ नर्स और 4 वार्ड बॉय की अतिरिक्त नाइट ड्यूटी
- अलग से 10 बेड का पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड
- जनरेटर और ऑक्सीजन प्लांट का 24 घंटे बैकअप
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. प्रीति सिंह ने बताया, “अब रात में भी दिन जैसी सुविधा रहेगी। चाहे रात 2 बजे हो या 4 बजे, अगर सीजेरियन की जरूरत पड़ी तो तुरंत ऑपरेशन होगा।”
उद्घाटन और पहला केस
सोमवार सुबह खुद CMS डॉ. प्रीति सिंह और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ति नाथ सिंह ने नाइट OT का उद्घाटन किया। पहले ही दिन रात 1:15 बजे कुशीनगर की रहने वाली 28 वर्षीय रुखसाना को इमरजेंसी सीजेरियन किया गया। मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
रुखसाना के पति मोहम्मद अहमद ने बताया, “पहले हमें BRD भेज दिया जाता था। आज तुरंत ऑपरेशन हो गया। मेरी पत्नी और बेटी दोनों सुरक्षित हैं।”
हर महीने 350+ सीजेरियन होते हैं
महिला अस्पताल में हर महीने औसतन 1200 डिलीवरी होती हैं, जिनमें 350 से ज्यादा सीजेरियन केस होते हैं। इनमें से 90–100 केस रात 8 बजे के बाद आते थे। अब इन सभी मरीजों को तुरंत राहत मिलेगी।
सीएम योगी की प्राथमिकता पूरी हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने गोरखपुर दौरे के दौरान महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था कि “रात में भी सीजेरियन की पूरी सुविधा होनी चाहिए”। इसी के तहत 15 दिन में नाइट OT तैयार कर लिया गया।
अन्य नई सुविधाएं भी शुरू
- 50 बेड का नया SNCU (नवजात ICU)
- मां का दूध बैंक (पहला सरकारी मिल्क बैंक गोरखपुर में)
- कंगारू मदर केयर यूनिट
- हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए अलग वार्ड
मरीजों और परिजनों की खुशी
अस्पताल के बाहर खड़ी बांसगांव की रहने वाली संगीता देवी ने बताया, “मेरी बहू को रात में दर्द शुरू हुआ था।
पहले तो डर लग रहा था कि अब BRD जाना पड़ेगा। डॉक्टर ने बताया कि अब यहीं ऑपरेशन हो जाएगा।
सच में बहुत बड़ी राहत है।”
अब आगे की योजना
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जनवरी 2026 तक महिला अस्पताल को 200 बेड का फुल-फ्लेज्ड मेटरनिटी विंग बनाया जाएगा।
साथ ही पीडियाट्रिक सर्जरी यूनिट भी शुरू होगी।
गोरखपुर की महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए यह दिन ऐतिहासिक है।
अब रात का अंधेरा भी मां-बच्चे की जान नहीं ले पाएगा।